Complete Details of DDUGKY(दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्या योजना)

Published Date - 15 September 2017 02:00:03 Updated Date - 25 October 2017 10:18:23

वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में 15 वर्ष से लेकर 35 वर्ष की उम्र के बीच के 5.50 करोड़ संभावित कामगार हैं। ठीक उसी समय, विश्‍व भर में वर्ष 2020 तक 5.70 करोड़ कामगारों की कमी होने का अनुमान है। इससे भारत के लिए अपनी अतिरिक्‍त जनसंख्‍या को एक जनसांख्यिक लाभांश के रूप में परिणत करने का एक ऐतिहासिक अवसर सामने आ रहा है। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने गरीब परिवारों के ग्रामीण युवाओं के कौशल विकास और उत्‍पादक क्षमता का विकास के बल पर  दीनदयाल उपाध्‍याय ग्रामीण कौशल्‍य योजना (डीडीयू-जीकेवाई) के कार्यान्‍वयन से देश के समावेशी विकास के लिए इस राष्‍ट्रीय एजेंडे पर जोर दिया है।

आधुनिक बाजार में भारत के ग्रामीण निर्धनों को आगे लाने में कई चुनौतियां हैं, जैसे औपचारिक शिक्षा और बाजार के अनुकूल कौशल की कमी होना। विश्‍वस्‍तरीय प्रशिक्षण, वित्‍तपोषण,  रोजगार उपलब्‍ध कराने पर जोर देने, रोजगार स्‍थायी बनाने, आजीविका उन्‍नयन और विदेश में रोजगार प्रदान करने जैसे उपायों के माध्‍यम से डीडीयू-जीकेवाई इस अंतर को पाटने का काम करती है।   

अवलोकन

  • दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्या योजना (DDU-GKY)  ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार की कौशल और प्लेसमेंट पहल है। यह योजना राष्ट्रीय ग्रामीण जीविका मिशन का एक हिस्सा है यह गरीबी कम करने का मिशन है। जिसे आजीविका कहा जाता है।
  • यह योजना 610 जिलों 202 से अधिक पीआईए 50 क्षेत्रों में 250 से अधिक व्यापार को कवर करने के साथ साझेदारी में 33 राज्यों संघ राज्य क्षेत्रों में फैली हुई है। इस योजना से अधिक से अधिक 55 लाख गरीब ग्रामीण युवाओं को फायदा होगा और उन्हें स्थायी रोजगार के अवसर मिलेंगें।
  • ग्रामीण विकास मंत्रालय को अधिसूचित किया गया कि इस कार्यक्रम को लागू करने के दिशा निर्देशों और मानक संचालन प्रक्रिया पालन किया जाना चाहिए।

यह अति महत्वपूर्ण है कि सभी परियोजना अधिकारी डीडीयूजीकेवाई के तहत प्रशिक्षित, आंकलित व प्रमाणित होने चाहिए। एक ई-लर्निग पोर्टल मानक संचालन प्रक्रिया के स्वयं सीखने के साथ प्रमाणीकरण की सुविधा के लिए बनाया गया है।

 

योजना की विशेषताएं

  • लाभकारी योजनाओं तक निर्धनों और सीमांत लोगों को पहुंचने में सक्षम बनाना
  • ग्रामीण गरीबों के लिए मांग आधारित नि:शुल्‍क कौशल प्रशिक्षण प्रदान करना
  • समावेशी कार्यक्रम तैयार करना
  • सामाजिक तौर पर वंचित समूहों (अजा/अजजा 50 प्रतिशत, अल्‍पसंख्‍यक 15 प्रतिशत, महिला 33 प्रतिशत) को अनिवार्य रूप से शामिल करना।
  • प्रशिक्षण से लेकर आजीविका उन्‍नयन पर जोर देना
  • रोजगार स्‍थायी करने, आजीविका उन्‍नयन और विदेश में रोजगार प्रदान करने के उद्देश्‍य से पथ-प्रदर्शन के उपाय करना।
  • नियोजित उम्‍मीदवारों के लिए अतिरिक्‍त सहायता
  • नियोजन-पश्‍चात  सहायता, प्रवास सहायता और पूर्व-छात्र नेटवर्क तैयार करना।
  • रोजगार साझेदारी तैयार करने की दिशा में सकारात्‍मक पहल
  • कम से कम 75 प्रतिशत प्रशिक्षित उम्‍मीदवारों के लिए रोजगार की गारंटी करना।
  • कार्यान्‍वयन साझेदारों की क्षमता बढ़ाना
  • प्रशिक्षण सेवा प्रदान करने वाली नई एजेंसियां तैयार करके कौशल विकास करना।
  • क्षेत्रीय तौर पर जोर देना
  • जम्‍मू-कश्‍मीर (हिमायत), पूर्वोत्‍तर क्षेत्र और वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित 27 जिले (रोशिनी) में निर्धन ग्रामीण युवाओं के लिए परियोजनाओं पर अधिक जोर देना।
  • स्‍तरीय सेवा वितरण
  • कार्यक्रम से जुडी सभी गति‍विधियां स्‍तरीय संचालन प्रक्रिया पर आधारित होंगी जो स्‍थानीय निरीक्षकों द्वारा बताए जाने के लिए नहीं हैं। सभी प्रकार के निरीक्षण भू-स्‍थैतिक प्रमाण, समय के विवरण सहित वीडियो/तस्‍वीरों द्वारा समर्थित होंगे।

आवश्यक दस्तावेज

एक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में दाखिला पाने के आदेश में निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता है।

पहचानउम्रकेसबूतकेलिए 

  • आधार कार्ड या चुनाव आईडी कार्ड या किसी भी सरकार द्वारा जारी फोटो पहचान कार्ड।
  • जन्म प्रमाण पत्र अगर जन्म की तारीख ऊपर पहचान पत्र में सूचीबद्ध नहीं है।

पात्रताकेसबूतकेलिए 

  • स्वयं के बीपीएल कार्ड या आपका घर जहां आपके नाम का भी उल्लेख किया गया है।
  • अपने घर के किसी भी सदस्य का मनरेगा कार्यकर्ता कार्ड (काम पूरा होने की 15 दिनों की एक न्यूनतम आय के साथ)
  • राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना,(RSBY) अपने घर के कार्ड
  • अपने घर के अंत्योदय अन्न योजना (AAY) या अपने घर के बीपीएल पीडीएस कार्ड
  • अपने घर के किसी भी सदस्य के लिए प्रमाण पत्र या एनआरएलएम स्वयं सहायता समूह की पहचान

 

सबूतकीआवश्यकतातोयहदावाकरतेहुएआयुसीमामेंआरक्षणछूट

  • अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र सक्षम प्र्राधिकारी द्वारा जारी किया गया।
  • एक पंजीकृत चिकित्सक द्वारा जारी किया गया विकलांगता का प्रमाण पत्र ।

लाभ

  • डीडीयूजीकेवाई उम्मीदवारों के पूरे सामाजिक समावेश को सुनिश्चित करता है व सामाजिक रुप से वंचित समूह को अनिवार्य कवरेज करने के लिए धन्यवाद करता है। धन का 50% अनुसूचित जातियों/ अनुसूचित जनजातियों और 15% अल्पसंख्यको के लिए 3% विकलांग व्यक्तियों के लिए निर्धारित किया जाएगा। व्यक्तियों में से एक तिहाई महिलाओं को दिया जाना चाहिए।
  • उम्मीदवारों को अन्य लाभों से अलग भी प्रशिक्षण केन्द्र में पूरी तरह से स्वतंत्र कौशल प्रशिक्षण मिलेगा। इसमें कोई भी नियुक्ति या प्रमाणीकरण, परीक्षा, पंजीकरण शुल्क या कोई फीस नहीं लगेगी।
  • एक विशेष उप योजनाओं के माध्यम से एक उम्मीदवार क्षेत्रीय समावेश मे सक्षम – उदाहरण के लिए – जम्मू और कश्मीर के युवाओं के लिए हिमायत योजना, एलडब्लयूई वामपंथी/आदिवासी के लिए रोशनी योजना उत्तरपूर्व राज्यों के जिलों को प्रभावित किया।

सम्पर्क

https://india.gov.in/spotlight/deen-dayal-upadhyaya-grameen-kaushalya-yojana

http://ddugky.gov.in/

 


Mohd.Aamir mirza

04-02-2018

I want to take admission

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