Complete Details of Pradhan Mantri Jan Aushadhi Yojana(प्रधानमंत्री जन औषधि योजना)

Published Date - 12 September 2017 05:50:21 Updated Date - 25 October 2017 10:27:12

प्रधानमंत्रीजनऔषधियोजना भारत के प्रधानमंत्री ‪नरेन्द्र मोदी द्वारा घोषित एक योजना है। इस योजना में सरकार द्वारा उच्च गुणमवत्ता वाली जैनरिक (Generic) दवाईयों के दाम बाजार मूल्य से कम किए जा रहें है। सरकार द्वारा ‘जन औषधि स्टोर’ बनाए गए है, जहां जेनरिक दवाईयां उपलब्ध करवाई जा रही है।

यह परियोजना उन लोगों के लिये बहुत महत्वपूर्ण है जिनकी कमाई का आधा हिस्सा दवाइयों के खर्च पर निकल जाता हैI अब ये लोग जन औषधि केंद्रों से सस्ते में दवाईएं ले सकते हैंI

अभी तक इस परियोजना को अब सरकार बड़े पयमाने पर ले जाने का विचार कर चुकी हैI इसे गांव और छोटे शहरों तक पहुचाने का काम शुरू किया किया जा सकता है और जन औषधि केंद्र को खोलने के लिए भी सरकार मदद प्रदान कर रही हैI

जेनरिक दवाईयां ब्रांडेड या फार्मा की दवाईयों के मुकाबले सस्ती होती है, जबकि प्रभावशाली उनके बराबर ही होती है। प्रधानमंत्री जन औषधि अभियान मूलत: जनता को जागरूक करने के लिए शुरू किया गया हैं ताकि जनता समझ सके कि ब्रांडेड मेडिसिन की तुलना में जेनेरिक मेडिसिन कम मूल्य पर उपलब्ध हैं साथ ही इसकी क्वालिटी में किसी तरह की कमी नहीं हैं। साथ ही यह जेनेरिक दवायें मार्केट में मौजूद हैं जिन्हें आसानी से प्राप्त किया जा सकता हैं।

इस योजना में आम नागरिकों को बाजार से 60 से 70 फीसदी कम कीमत पर दवाइयां मुहैया कराने के उद्देश्य से केंद्र सरकार जल्द ही देशभर में 3000 से ज्यादा जन औषधि केंद्र खोलेगी।

जन औषधि योजना एक ऐसा अभियान है जिसे डिपार्टमेंट ऑफ फार्मास्युटिकल्स और सेंट्रल फार्मा पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग्स ने संयुक्त रूप से लॉन्च किया है ताकि आमजन को गुणवत्तापूर्ण दवाइयाँ सस्ती कीमत पर मिल सके। जन औषधि स्टोर्स का सेट-अप केवल जेनेरिक दवाइयाँ उपलब्ध करवाने के लिए ही हुआ है। जेनेरिक दवाइयाँ ब्रांड रहित दवाइयाँ होती है जिनकी गुणवत्ता और थेराप्यूटिक वैल्यू ब्रांडेड दवाइयों के समान होती है परन्तु इनकी कीमत इनके समान ब्रांडेड दवाइयों से काफी कम होती है।

सामान्यतः ब्रांडेड दवाइयाँ उनके समान थेराप्यूटिक वैल्यू वाली ब्रांड रहित (जेनेरिक) दवाइयों के मुकाबले महंगे दामों पर बेचीं जाती है जबकि दोनों का शारीर पर प्रभाव समान होता है। आम जनता को इन महँगी ब्रांडेड दवाइयों के विकल्प के रूप में सस्ती दवाइयाँ उपलब्ध करने के लिए फार्मा एडवाइजरी फोरम ने २३ अप्रैल २००८ को मीटिंग करके जन औषधि कैंपेन को लॉन्च करना तय किया जिसके तहत देश के सभी ६३० जिलों में प्रधान मंत्री जन औषधि केंद्र (पीएमजेएके) खोलकर इनके द्वारा जेनेरिक दवाइयों की बिक्री सुनिश्चित करने का निर्णय हुआ। इन केन्द्रों को देश भर के सभी ६३० जिलों के गाँवों और कस्बों में खोलने की योजना है।

कोई भी बी फार्मा और डी फार्मा डिग्रीधारी व्यक्ति (डॉक्टर्स और रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर्स के अलावा) जन औषधि केंद्र खोलने के लिए अप्लाई कर सकता है। कोई भी आर्गेनाईजेशन जैसे रेपुटेड एनजीओ/चेरिटेबल आर्गेनाईजेशन भी इनके लिए अप्लाई कर सकता है परन्तु उसके पास आवेदन करते समय बी फार्मा और डी फार्मा डिग्रीधारी व्यक्ति कार्यरत होना चाहिए। जन औषधि केंद्र के आवेदन के लिए योग्य नहीं है।

 

जन औषधि केंद्र का संचालन करने के लिए एमआरपी पर टैक्स के अलावा बीस प्रतिशत मार्जिन दिया जाता है। जो भी जन औषधि केन्द्र संचालित करता है अगर वह बीपीपीआई हेड क्वार्टर्स के साथ इन्टरनेट द्वारा जुड़ा रहता है तो उसे ढाई लाख तक का इंसेंटिव मिलता है। यह मासिक बिक्री की पंद्रह प्रतिशत की दर से मिलता है जो कि न्यूनतम दस हजार तथा अधिकतम ढाई लाख तक देय होता है।

 

जन औषधि केंद्र खोलने के लिए स्वयं या फिर किराये की जगह होनी चाहिए जिसका न्यूनतम क्षेत्रफल १२० वर्ग फीट होना चाहिए। कार्य करने वाले फार्मासिस्ट का नाम तथा स्टेट फार्मेसी कौंसिल का रजिस्ट्रेशन नंबर प्रमाणस्वरूप प्रस्तुत करने के लिए आवश्यक होता है।

सामान्यतः जन औषधि केंद्र का समय सुबह नौ बजे से लेकर रात के नौ बजे तक का होता है जिसमे दिन में एक बजे से दो बजे तक का लंच ब्रेक हो सकता है या फिर यह रोटेशन बेसिस पर हो सकता है ताकि बिक्री प्रभावित नहीं हो। मेट्रो और बड़े शहरों में ये सुबह छः बजे से रात के बारह बजे तक खुले रह सकते हैं। बड़े अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में ये चौबीसों घंटे खुले रह सकते हैं।

 

भारत सरकार ने योजना को संशोधित करके ‘जन औषधी मोबाइल स्टोर’ के द्वारा दवाइयाँ बेचा जाना भी शुरू किया है जिसमे दवाइयाँ मोबाइल वैन के जरिये बेचीं जाएगी।

जन औषधि अभियान का मुख्य उद्देश्य जेनेरिक दवायें जो कि सस्ती और अच्छी हैं, उपलब्ध को प्रति लोगो को जागरूक करना |उसके महत्व को समझाना है | जन औषधि/ जेनेरिक दवाओं के लाभ –
1-बड़ी से बड़ी एवम घातक बिमारियों के उपचार के लिए जेनेरिक दवाईयाँ उपलब्ध करायेगा साथ ही यह लोगो के बजट में होंगी |
2- कम कीमत पर दवाई के साथ- साथ गुणवत्ता इस बात की पूरी गेरेंटी जन औषधि अभियान ने लोगो को एवम विक्रेताओं को दी हैं |
3- जेनेरिक दवाओं के प्रति जनता को जागरूक करने का कार्य भी जन औषधि अभियान के तहत होगा |
4- जेनेरिक दवाओं की बिक्री के लिए विक्रेताओं को भी इसकी गुणवत्ता के प्रति जागरूक करने का कार्य जन औषधि अभियान के तहत होगा |
5- जन औषधि अभियान के तहत डॉक्टर्स एवम सरकारी अस्पतालों को भी जेनेरिक दवाओं की गुणवत्ता समझाते हुए उन्हें मरीज को यही दवायें पर्चे पर लिख कर देने के लिए बाध्य किया जायेगा |
7- साथ ही समय पर जेनेरिक दवायें उपलब्ध करवाने की जिम्मेदारी भी जन औषधि अभियान के तहत आएगी |
कौन – कौन जन औषधि स्टोर ओपन कर सकता हैं ?
-कोई भी जिसके पास pharmacist की डिग्री हो उनमे व्यक्ति, NGO या कोई भी इंस्टिट्यूट हो सकता हैं, जन औषधि के लिए एप्लीकेशन देस सकता हैं |
-अगर कोई व्यक्ति जन औषधि के लिए एप्लीकेशन दे रहा हैं तो उसके पास शॉप के लिए पर्याप्त जगह होना चाहिये साथ ही वह किसी अन्य संस्था के आधीन कार्यशील नहीं होना चाहिये |
-जन औषधि स्टोर के लिए सरकार द्वारा की जाने वाली मदद –
– इसको खोलने के लिए सरकार स्टोर मालिको को यह कार्य शुरू करने के लिए 2 लाख रूपये देगी साथ ही कंप्यूटर जैसे हार्डवेयर लगाने के लिए 50 हजार रूपये की मदद की जाएगी |
– जन औषधि स्टोर मालिको के लिए दवायें MRP से 16 % कम में दी जाएँगी | जहाँ से मालिक सीधे कमाई कर सकते हैं |
– इसके अलावा सरकार की जाने वाली बिक्री के अनुसार इंसेंटिव भी देगी |
जन औषधि अभियान सरकार द्वारा चलाया गया एक अच्छा अभियान हैं जिससे गरीबो को बहुत राहत मिलती हैं | हम सभी को जेनेरिक दवायें लेना चाहिये जिससे पैसे की बचत होती हैं | साथ ही हमारे जागने से जेनेरिक दवाओं का उत्पादन बढ़ेगा |

Jan Aushadhi केंद्र कौन खोल सकता है ?

  • कोई भी व्यक्ति या व्यवसायी, अस्पताल, NGO, चैरिटेबल संस्था, फार्मासिस्ट, डॉक्टर, और मेडिकल प्रैक्टिसनर Jan Aushadhi केंद्र खोलने के लिए आवेदन कर सकते है |
  • SC, ST, एवं दिव्यांग आवेदकों को Jan Aushadhi केंद्र खोलने के लिए 50,000 रूपये तक की दवाइयां अग्रिम रूप से दी जायेंगी|
  • व्यक्तिगत आवेदन करने के लिए आधार कार्ड एवं Pan Card की आवश्यकता होगी |
  • संस्थान/NGO/हॉस्पिटल/चैरिटेबल संस्था को आवेदन करने के लिए आधार कार्ड,  Pan Card, गठन का प्रमाणपत्र एवं पंजीयन प्रमाण पत्र की की आवश्यकता होगी |
  • Jan Aushadhi केंद्र खोलने के लिए आपके पास कम से कम 10 वर्ग मीटर की जगह होनी चाहिए | आप चाहे तो किराये पे भी ले सकते है |
  • दवाइयों पर प्रिंट कीमत से 16% तक का प्रॉफिट
  • दो लाख रुपयों तक की One Time वित्तीय सहायता
  • जन औषधि स्टोर को 12 महीनों के लिए उसकी sale का 10% अतरिक्त इंसेंटिव दिया जायेगा | अधिकतम 10000 रूपये हर महीने होगा|
  • पूवोत्तर राज्यों/ नक्शल प्रभावित इलाकों/ आदिवासी इलाकों में यह इंसेंटिव 15% और  इंसेंटिव राशी  15000 रुपये हर महीने होगी|

        आवश्यक दस्तावेज :

  • व्यक्तिगत आवेदन करने के लिए आधार कार्ड एवं Pan Card की आवश्यकता होगी |
  • संस्थान/NGO/हॉस्पिटल/चैरिटेबल संस्था को आवेदन करने के लिए आधार कार्ड,  Pan Card, गठन का प्रमाणपत्र एवं पंजीयन प्रमाण पत्र की की आवश्यकता होगी |
  • Jan Aushadhi केंद्र खोलने के लिए आपके पास कम से कम 10 वर्ग मीटर की जगह होनी चाहिए | आप चाहे तो किराये पे भी ले सकते है |
  • दवाइयों पर प्रिंट कीमत से 16% तक का प्रॉफिट
  • दो लाख रुपयों तक की One Time वित्तीय सहायता
  • जन औषधि स्टोर को 12 महीनों के लिए उसकी sale का 10% अतरिक्त इंसेंटिव दिया जायेगा | अधिकतम 10000 रूपये हर महीने होगा|
  • पूवोत्तर राज्यों/ नक्शल प्रभावित इलाकों/ आदिवासी इलाकों में यह इंसेंटिव 15% और  इंसेंटिव राशी  15000 रुपये हर महीने होगी|

        क्या क्या मिलेगी सहायता :

  • दवाइयों पर प्रिंट कीमत से 16% तक का प्रॉफिट
  • दो लाख रुपयों तक की One Time वित्तीय सहायता
  • जन औषधि स्टोर को 12 महीनों के लिए उसकी sale का 10% अतरिक्त इंसेंटिव दिया जायेगा | अधिकतम 10000 रूपये हर महीने होगा|
  • पूवोत्तर राज्यों/ नक्शल प्रभावित इलाकों/ आदिवासी इलाकों में यह इंसेंटिव 15% और  इंसेंटिव राशी  15000 रुपये हर महीने होगी|

 

 

 


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