Complete Details of Sansad adarsh gram yojana(सांसद आदर्श ग्राम योजना )in Hindi

Published Date - 11 September 2017 07:39:41 Updated Date - 25 October 2017 10:36:32

सांसद आदर्श ग्राम योजना का उद्देश्य ग्रामीणों को निर्णय लेने और उन निर्णयों के अनुसार कार्य करने का अवसर प्रदान कर उन्हें सशक्त बनाना है। ग्रामीण विकास मंत्रालय की संपूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना को ग्रामीण क्षेत्रों में अतिरिक्त श्रम रोजगार प्रदान कर खाद्य सुरक्षा और पोषण स्तर में सुधार लाने के लिए शुरू किया गया है।

हमारे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की परिकल्पना है कि ”अगर हमें राष्ट्र निर्माण करना है तो उसकी शुरुआत हमें ग्रामीण क्षेत्रों के विकास से करनी होगी।” उनके अनुसार यदि "प्रत्येक सांसद पांच साल में तीन गांवों को विकसित करने का निर्णय लेता है, तो देश के कई गांवों को प्रगति के पथ पर अग्रसर किया जा सकता है।” प्रधानमंत्री द्वारा सभी सांसदों को यह निर्देश दिया गया है कि वह वर्ष 2016 तक अपने निर्वाचन क्षेत्र के एक गांव में विकास कार्य कर उसे आदर्श गाँव बनाएं और वर्ष 2019 तक दो और गाँव को विकसित करें। पहली बार किसी योजना को सांसदों के साथ जोड़कर शुरू किया गया है जिससे यह लक्ष्य प्राप्त किया जा सके। इसे सांसद आदर्श ग्राम योजना(एसएजीवाय) नाम दिया गया है।ग्रामीण विकास विभाग नागरिकों की भागीदारी से योजना के लिए दिशा निर्देश निर्धारित करना चाहता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि अक्सर गांवों में विकास आपूर्ति की उपलब्धता के अनुरूप किया जाता है। उन्होंने कहा कि सांसद आदर्श योजना की तीन अनूठी विशेषताएं होनी चाहिएं। यह मांग पर आधारित हो, समाज द्वारा प्रेरित हो और इसमें जनता की भागीदारी होनी चाहिए। श्री मोदी ने कहा कि लोकतंत्र और राजनीति को अलग नहीं किया जा सकता लेकिन बुरी राजनीति से अक्सर नुकसान होता है। यह योजना अच्छी राजनीति की ओर बढ़ने की प्रेरणा देगी और सांसद मददगार और उत्प्रेरक के रूप में भूमिका निभाएंगे।

योजना के दिशा निर्देश जारी करने के बाद समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद से अब तक सभी सरकारों ने ग्रामीण विकास के लिए काम किया है। इन प्रयासों में समय के साथ संशोधन किया जाना चाहिए ताकि विश्व में आ रहे परिवर्तनों के अनुरूप आगे बढ़ा जा सके। उन्होंने कहा हालांकि देश भर में सरकारी स्कीमों पर काम किया जा रहा है लेकिन प्रत्येक राज्य में कुछ ही ऐसे गांव हैं जिनपर गर्व किया जा सकता है। ऐसा लगता है कि इन गांवों में नेतृत्व और जनता ने सरकारी स्कीमों के अलावा कुछ अतिरिक्त प्रयास किये हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि सांसद आदर्श ग्राम योजना के पीछे भी कुछ अतिरिक्त प्रयास किये जाने की भावना है। .

प्रधानमंत्री ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयन्ती पर उनसे प्रेरणा लेते हुए कहा कि आदर्श ग्राम बनाने के लिए विकास में जनता की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने नानाजी देशमुख को याद करते हुए कहा कि उन्होंने गांव की आत्मनिर्भरता की आवधारणा के लिए काम किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सांसद आदर्श ग्राम योजना सांसदों के नेतृत्व में काम करेगी। श्री मोदी ने कहा कि 2016 तक प्रत्येक सांसद एक-एक गांव को विकसित बनाएंगे और बाद में 2019 तक दो और गांवों का विकास होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर राज्य सरकारें भी विधायकों को इस योजना के लिए काम करने को प्रोत्साहित करें तो इसी समय सीमा में 5 से 6 और गांवों को विकसित बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अगर प्रत्येक ब्लॉक में एक गांव विकसित किया जाता है तो इसका ब्लॉक के अन्य गांवों पर अनुकूल असर पड़ेगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि विभिन्न सरकारी स्कीमें अक्सर अलग-थलग संचालित की जाती है, मगर सांसद आदर्श ग्राम योजना सांसदों को इन स्कीमों की बाधाओं को उजागर करने का अवसर देगी, जिससे परिणामन्मुख दृष्टिकोण विकसित किया जा सकेगा।  

प्रधानमंत्री ने कहा कि सांसद अपने क्षेत्र में कोई भी गांव चुनने में स्वतंत्र होंगे मगर वे अपना गांव या अपने ससुराल के गांव का चयन नहीं कर सकेंगे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सांसद आदर्श ग्राम योजना विकास के प्रति लचीला दृष्टिकोण प्रदान करेगी और उन्होंने आशा व्यक्त की कि आदर्श ग्राम, ग्रामीण विकास के बारे में सीखने के इच्छुक लोगों के लिए तीर्थ स्थान बन जाएंगे।

केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री नितिन गडकरी और ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री उपेन्द्र कुशवाहा ने भी इस अवसर पर विचार व्यक्त किये।

Main Objective of Saansad Adarsh Gram Yojana

The scheme is based on the concept of rural development of Mahatma Gandhi which revolved around creating model villages for transforming swaraj (self rule) into su-raj (good governance). The objective is to create a holistic development of all adopted villages by the MPs in all aspects —human, personal, social, economic and environmental development, including provision of basic amenities, services, security and good governance.

Features of Saansad Adarsh Gram Yojana

The detailed blueprint of this ambitious project has been prepared by the Rural Development Ministry with the following essential features:

•    Each MP should adopt a village of his choice, which should not be his own or his in-laws. This should be turned into a model village by 2016. Then for the next thee years, two more villages should be chosen and developed. After 2019, one village should be taken up every year till 2024.

•    Villages should be adopted not from urban constituencies but from nearby rural areas.

•    Emphasis on empowering the poor families to get rid of poverty by implementing a proper plan for every identified gram panchayat.

•    Focuses on transforming villages into model villages by providing all round infrastructural development along with emphasis on gender equality, women empowerment and dignity, social justice, cleanliness, community service, peace , harmony and eco-friendliness.

•    Each village will have pucca houses for homeless villagers and proper sanitation facilities.

•    Each village will have smart schools with IT-enabled classrooms, e-libraries and web-based teaching. Also, each student will have universal access to education facilities up to Class X.

•    The plan also aims to provide basic health care facilities to all with health card, medical examination, and total immunisation.

•    Other benefits to be provided are piped drinking water, connectivity to the main road, electricity supply to all households, libraries in the village, telecom and broadband connectivity including CCTVs in public areas.

•    Emphasis will also be given on e-governance.

•    SAGY will ensure the provision of Aadhaar cards to all villagers.

•    SAGY will also provide insurance schemes like Aam Aadmi Bima Yojana and universal access to the Public Distribution System to eligible families for social security, old-age, disability and widow pensions.

•    Besides these, SAGY also lays focus on “personal development” which includes training and awareness on hygienic behaviour, physical exercise and reducing alcoholism, smoking and substance abuse.

Monitoring of Saansad Adarsh Gram Yojana

•    The project will be funded by each MP’s MPLAD fund.

•    The programme also expects mutual-cooperation, local self-government, self reliance, transparency and accountability in public life.

•    The MP himself or herself should guide on the creation of social mobilisation and a systematic environment in the model village.

•    All planning processes of the Gram Panchayat will be guided by the District Collector.

•    A specially designed capacity building programme will be created by the Union Ministry of Rural Development for proper implementation of Government functionaries at different levels including Gram Panchayats.

•    At the State level, under the head of the Chief Secretary, the empowered committee will look after the relevant departments.

 


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