(DDUGJY)दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना

Published Date - 14 September 2017 04:08:15 Updated Date - 25 October 2017 10:20:25

दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना / Deendayal Upadhyaya Gram Jyoti Yojana (DDUGJY) ग्रामीण भारत के लिए निरंतर बिजली की आपूर्ति प्रदान करने के लिए भारत सरकार द्वारा तैयार की गई एक अहम योजना है | यह योजना श्री नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा जनता से किये गए कुछ प्रमुख वादों में से एक देश के सभी भागों में 24X7 निर्बाध बिजली (uninterrupted quality electricity) प्रदान करने की पूर्ती की ओर एक प्रयास है | मौसम की अनिश्चितता के कारण आज देश के लाखों किसान अपने खेतों की सिंचाई के लिए क्रत्रिम साधनों जैसे बोरेवेल, पंप पर निर्भर हैं | इन सभी साधनों मे बिजली की खपत अधिक मात्रा में होती है | इससे न केवल राज्य के वित्तीय बोझ में बृद्धि होती है बल्कि इससे उत्पादन लोड भी बाधित (disrupt) होती है | और बिजली की कटौती जैसी समस्याएं खड़ी हो जाती हैं | देश मे ऐसे कई गाँव हैं जहाँ आज भी बिजली पर्याप्त नहीं है | इसलिए यह योजना उन गाँव के लिए एक वरदान कि तरह हैं |

DDUGJY योजना को भारतीय राजनीतिक दार्शनिक दीन दयाल उपाध्याय के सम्मान में नामित किया गया है | सरकार इस योजना के तहत ग्रामीण विद्युतीकरण के लिए 76,000 करोड़ का निवेश करने की योजना बना रही है | यह योजना मौजूदा राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना (RGGVY) की जगह लेगा | इस योजना के लिए मोदी सरकार ने बिहार की राजधानी पटना को चुना है | इसी तरह की एक योजना गुजरात में पहले से ही कार्यरत है |

DDUGJY काउद्देश्य :-

  • सभी गांवों का विद्युतीकरण (electrification) करना अर्थात सभी गांवों को बिजली की सुविधा प्रदान करना |
  • फीडर विभक्तिकरण (Feeder separation) द्वारा किसानों के लिए पर्याप्त बिजली और अन्य उपभोक्ताओं के लिए नियमित बिजली  आपूर्ति सुनिश्चित करना |
  • सब-ट्रांसमिशन (Sub-transmission) और वितरण नेटवर्क में सुधार कर पावर सप्लाई (power supply) की गुणवत्ता (quality) और विश्वसनीयता (reliability) में सुधार करना |
  • Metering द्वारा घाटे को कम करना |

 

 DDUGJY  के  तहत  ग्रामीण  विद्युतीकरण  की स्थिति

भारत सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युतीकरण के लिए "दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना" शुरू की है। ग्रामीण विद्युतीकरण और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली वितरणकी बुनियादी

सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए के लिए तत्कालीन राजीव गांधी ग्राम विद्युतीकरण योजना (आरजीजीवीवाई) को डीडीयूजीजेवाई योजना में सम्मिलित किया गया है।

रूरल इलेक्ट्रीफिकेशन कारपोरेशन डीडीयूजीजेवाई के क्रियान्वयन के लिए नोडल एजेंसी है।विद्युत मंत्रालय ने डीडीयूजीजेवाई–आरई के तहत 1,20,804 अविद्युतीकृत गांवों के विद्युतीकरण

3,14,958 आंशिक रूप से विद्युतीकृत गांवों के सघन विद्युतीकरण और 396.45 लाख बीपीएल ग्रामीण परिवारों को मुफ्त बिजली कनेक्शन प्रदान करने के लिए 921 परियोजनाओं को मंजूरी दे

दी है। 31 मार्च 2015 की स्थिति के अनुसार, 1,09,524 अविद्युतीकृत गांवों और 3,14,958 आंशिक रूप से विद्युतीकृत गांवों के सघन विद्युतीकरण का काम पूरा हो चुका है और बीपीएल

परिवारों को 218.33 लाख मुफ्त बिजली कनेक्शन जारी कर दिया गया है।

डीडीयूजीजेवाई के वित्त पोषण का तंत्र इस प्रकार होगा :

      इस योजना के अधीन वित्तीय सहायता इस प्रकार दी जाएगीः 
 

एजेंसी

सहायताका

प्रकार

सहायताकीमात्रा (परियोजनालागतका %)

विशेषश्रेणीकेराज्यों

सेभिन्नराज्य

विशेषश्रेणीके

राज्य

भारत सरकार

अनुदान

60

85

यूटिलिटी/राज्य का अंशदान

अपनी निधि

10

5

ऋण (वित्तीय संस्थाएं/बैंक)

ऋण

30

10

निर्धारित लक्ष्य प्राप्त करने पर भारत

सरकार से अतिरिक्त अनुदान

अनुदान

कुल ऋण घटक का 50%

(30%) अर्थात 15%

कुल ऋण घटक का 50%

(10%) अर्थात 5%

भारत सरकार द्वारा दिया जाने वाला

अधिकतम अनुदान (जिसमें निर्धारित

लक्ष्य प्राप्त करने पर दिया जाने वाला

अतिरिक्त अनुदान भी शामिल है )

अनुदान

75%

90%

 

यूटिलिटी  द्वारा किया जाने वाला अधिकतम अंशदान 10% (विशेष श्रेणी के राज्यों के मामलेमें 5%) होगा। लेकिन यूटिलिटी  का अंशदान

40% (विशेष श्रेणी के राज्यों के मामले में15%) तक हो सकता है, बशर्ते कि वे ऋण का लाभ नहीं उठाना चाहते हों। ऐसी यूटिलिटी (यूटिलिटियों) के मामले में, जो ऋण का

लाभ नहीं उठाते हैं, निर्धारित लक्ष्य प्राप्त करने पर अधिकतम पात्र अतिरिक्त अनुदान अभी भी 15% (विशेष श्रेणी के राज्यों के मामले में 5%) होगा। ऋण घटक आरईसी द्वारा या

अन्य वित्तीय संस्था/बैंक द्वारा दिया जाएगा।

DDUGJY का कार्यान्वयन और वित्तीय सहायता :-

योजना की पूर्ण कार्यान्वयन की अवधि के लिए 43,033 करोड़ रुपये के निवेश की जरूरत है जिसमे भारत सरकार से 33,453 करोड़ रुपये की बजटीय सहायता की आवश्यकता भी शामिल है | प्राइवेट डिस्कॉम (Private Discoms) और राज्य विद्युत विभागों (State Power Departments) सहित सभी डिस्कॉम (Discoms) इस योजना के तहत वित्तीय सहायता के लिए पात्र हैं | डिस्कॉम (Discoms) विशिष्ट नेटवर्क में ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने के काम को प्राथमिकता देंगे और इस योजना के तहत कवरेज (coverage) के लिए परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट / Detailed Project Reports (DPRs) तैयार करेंगे | ग्रामीण विद्युतीकरण निगम / Rural Electrification Corporation (REC) इस योजना के संचालन के लिए नोडल एजेंसी (Nodal Agency) है | यह इस योजना के कार्यान्वयन की वित्तीय और भौतिक प्रगति की मासिक रिपोर्ट विद्युत मंत्रालय (Ministry of Power) और केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (Central Electricity Authority) को प्रस्तुत करेंगे |

DDUGJY से लाभ :-

 

  • सभी गांवों और घरों का विद्युतीकरण (electrification) किया जाएगा |
  • कृषि उपज (agriculture yield) में वृद्धि होगी |
  • छोटे और घरेलू उद्यमों के व्यापार में बृद्धि के परिणामस्वरूप रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे |
  • स्वास्थ्य, शिक्षा, बैंकिंग (ATM) सेवाओं में सुधार होगा |
  • रेडियो, टेलीफोन, टेलीविजन, इंटरनेट और मोबाइल आदि संचार सेवाओं में सुधार होगा |
  • बिजली की उपलब्धता से सामाजिक सुरक्षा में सुधार होगा |
  • स्कूलों, पंचायतों, अस्पतालों और पुलिस स्टेशनों आदि में बिजली की सेवा दुरुस्त होगी  |
  • ग्रामीण क्षेत्रों के लिए व्यापक विकास अवसरों में वृद्धि होगी |

कुछ अन्य मुख्य विशेषताएं : –

  • मौजूदा राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना (RGGVY) को नई योजना में सम्मिलित किया गया है और राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना (RGGVY) में की खर्च नहीं की गई राशि को DDUGJY में आगे बढ़ाया जाएगा |
  • योजना के तहत सभी डिस्कॉम(Discoms) वित्तीय सहायता के लिए पात्र हैं |
  • ग्रामीण विद्युतीकरण निगम लिमिटेड (REC) योजना के क्रियान्वयन के लिए नोडल एजेंसी (Nodal Agency) होगी |

 


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