Published Date - 08 September 2017 06:49:31 Updated Date - 25 October 2017 10:30:27

डिजिटल इंडिया (Digital India)

 India को पूरी तरह से Digitally & Electronically बनाने के लिए इस योजना की शुरुआत की गयी है । डिजिटल इंडिया के रुप में, एक महत्वकांक्षी कार्यक्रम का आरम्भ दिल्ली के इंदिरा गाँधी इनडोर स्टेडियम में 1 जुलाई (बुधवार) 2015 को हुआ था। इसकी शुरुआत विभिन्न प्रमुख उद्योगपतियों (टाटा समूह के अध्यक्ष साइरस मिस्त्री, आरआईएल अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी, विप्रो अध्यक्ष अज़ीम प्रेमजी आदि) की मौजूदगी में हुई। सम्मेलन में, गाँव से शहर तक भारत की बड़ी संख्या में डिजिटल क्रांति लाने के अपने विचार को इन लोगों ने साझा किया। देश में 600 जिलों तक पहुँच के लिये सूचना तकनीक कंपनी की मौजूदगी में कई सारे कार्यक्रम रखे गये। देश को डिजिटल रुप से सशक्त बनाने के लिये भारतीय सरकार द्वारा लिया गया एक बड़ा कदम है डिजिटल इंडिया कार्क्रम। इस योजना से संबंधित विभिन्न स्कीमों को अनावृत किया जा चुका है (एक लाख करोड़ से ज्यादा की कीमत) जैसे डिजीटल लॉकर, ई-स्वास्थ्य, ई-शिक्षा, राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल, ई-हस्ताक्षर आदि। डिजिटल इंडिया अभियान में ई-गवर्नेंस, इलेक्ट्रानिक निर्माण, साइबर सुरक्षा और वित्तीय समावेशन, बेहतर दूरसंचार सुविधाओं और तीव्रगामी इंटरनेट पर ध्यान केन्द्रित किया गया है. अभियान का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, "मैं ऐसे डिजिटल भारत का सपना देखता हूं जहां हाई स्पीड डिजिटल हाइवे देश को एक करता है. इससे जुड़े 1.2 अरब लोग आविष्कारों को बढ़ावा दें, तकनीक इसकी गारंटी करेगा कि नागरिक और सरकार का संबंध भ्रष्ट नहीं होगा."

उद्योग जगत ने 4500 अरब रुपये के निवेश का वचन दिया है जिसपर अमल से 18 लाख नए रोजगार पैदा हो सकते हैं. इस मौके पर अलग अलग विभागों ने अपनी डिजिटल परियोजनाएं शुरू की हैं. पर्यावरण मंत्रालय ने बी श्रेणी की परियोजनाओं की पर्यावरण मंजूरी के लिए ऑनलाइन आवेदन देने के लिए एक वेब पोर्टल लांच किया तो देश के करीब ढाई लाख पंचायतों की मैपिंग के लिए एक मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया गया.

पर्यावरण मंत्रालय ने पिछले साल ए श्रेणी की परियोजनाओं के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया की शुरुआत की थी. मंत्रालय ने ज्यादा पारदर्शिता तथा तेज निष्पादन के अनुभवों के आधार पर अब कठोर पर्यावरण मानकों से समझौता किए बिना मंजूरी की ऑनलाइन प्रक्रिया राज्य स्तर पर भी शुरु की है. पूरे देश में शुरू किए गए इस पोर्टल में 19 राज्य भी शामिल हैं. पंचायतों की मैपिंग वाले ऐप की मदद से कोई भी नागरिक अपने गांव के स्कूल, अस्पताल, सड़क, तालाब या अन्य सार्वजनिक स्थलों की तस्वीरें खींचकर अपलोड कर सकता है. इन तस्वीरों के सहारे देश भर के पंचायतों की हालत का अंदाजा लगाकर भविष्य में विकास योजनाओं को लागू किया जा सकेगा.

1 जुलाई 2015 प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा डिजिटल इंडिया प्रोजेक्ट की शुरुआत की गयी थी। देश के लोगों के बेहतर विकास और वृद्धि के लिये रुपांतरित भारत के लिये ये एक प्रभावशाली योजना है। वरिष्ठ मंत्रालयी सहयोगियों और प्रमुख कंपनियों के सीईओ की मौजूदगी में बुधवार को पीएम के द्वारा डिजिटल इंडिया सप्ताह (1 जुलाई से 7 जुलाई) शुभारंभ हुआ। सुशासन और अधिक नौकरियों के लिये भारत को एक डिजिटल विस्तार देना इसका लक्ष्य है। सरकारी सेवा और लोगों के बीच की दूरी के अंतर को मिटाने के लिये डिजिटलीकरण अभियान की ओर भारत के पीएम ने अपना श्रेष्ठ प्रयास किया। किसी भी दूसरे देश से ज्यादा वृद्धि और अच्छे भविष्य के लिये भारत में डिजिटलीकरण की बहुत जरुरत थी।

डिजिटल इंडिया अभियान के निम्न लाभ:

  • डिजिटल लॉकर व्यवस्था लागू करने को ये मुमकिन बनाएगा जिसके परिणाम स्वरुप रजिस्टर्ड संग्रह के माध्यम से ई-शेयरिंग सक्षम बनाने के साथ ही भौतिक दस्तावेज़ को कम करने के द्वारा कागजी कार्यवाही को घटाएगा।
  • ये एक प्रभावशाली ऑनलाईन मंच है जो “चर्चा, कार्य करना, और वितरण” जैसे विभिन्न दृष्टिकोण के द्वारा शासन प्रणाली में लोगों को शामिल कर सकता है।
  • सरकार के द्वारा विभिन्न ऑनलाईन लक्ष्यों की प्राप्ति को ये सुनिश्चित करेगा।
  • कहीं से भी अपने दस्तावेज़ और प्रमाणपत्र को ऑनलाईन जमा करना लोगों के लिये ये संभव बनायेगा जो शारीरिक कार्य को घटायेगा।
  • ई-हस्ताक्षर संरचना के द्वारा नागरिक अपने दस्तावेज़ों को ऑनलाईन हस्ताक्षरित करा सकता है।
  • ई-अस्पताल के माध्यम से महत्वपूर्ण स्वास्थ्य परक सेवाओं को आसान बना सकता है जैसे ऑनलाईन रजिस्ट्रेशन, डॉक्टर से मिलने का वक्त लेना, फीस जमा करना, ऑनलाईन लक्षणिक जाँच करना, खून जाँच आदि।
  • अर्जियों के जमा करने, प्रमाणीकरण प्रकिया, अनुमोदन और संवितरण के स्वीकृति के द्वारा राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल के माध्यम से लाभार्थी के लिये ये लाभ उपलब्ध कराता है।
  • ये एक बड़ा मंच है जो अपने नागरिकों के लिये पूरे देश भर में सरकारी और निजी सेवाओं के प्रभावशाली वितरण को आसान बनाता है।
  • भारत नेट कार्यक्रम (तेज गति का डिजिटल हाइवे) देश के लगभग 250,000 ग्राम पंचायतों को जोड़ेगा।
  • डिजिटल इंडिया पहल में मदद के लिये बाहरी स्रोत नीति भी एक योजना है। मोबाईल पर ऑनलाईन सेवाओं के बेहतर प्रबंधन के लिये जैसे वॉइस, डाटा, मल्टीमीडिया आदि, बीएसएनएल के अगली पीढ़ी का नेटवर्क 30 साल पुराने टेलिफोन एक्सचेंज को बदल देगा।
  • फ्लेक्सिबल इलेक्ट्रॉनिक के लिये राष्ट्रीय केन्द्र फ्लेक्सिबल इलेक्ट्रॉनिक को बढ़ावा देने में मदद करेगा।
  • पूरे देश में बीएसएनएल के द्वारा बड़े पैमाने पर वाई-फाई हॉटस्पॉट को फैलाने की योजना बनायी गयी है।
  • कनेक्टिवीटी से जुड़े सभी संबंधित मुद्दों को संभालने के लिये ब्रॉडबैंड हाइवे है।
  • सभी शहरों, नगरों और गाँवों में ब्रॉडबैंड हाइवे की खुली पहुँच माऊस के एक क्लिक पर विश्व स्तरीय सेवा की उपलब्धता को मुमकिन बनायेगा।


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