Mission Indradhanush Scheme(मिशन इन्द्रधनुष) in Hindi

Published Date - 14 September 2017 03:36:20 Updated Date - 25 October 2017 10:21:10

मिशन इन्द्रधनुष का शुभारंभ स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा २५ दिसंबर २०१४ को किया गया था। इस मिशन का उद्देश्य जन्म से लेकर दो साल तक के बच्चों सहित गर्भवती महिलाओं को सात प्रकार की बीमारियों से रोकथाम के टीके लगाना हैं।  यह सुनिश्चित करना हैं। 

 

“मिशन इन्द्रधनुष” का उद्देश्य इन्द्रधनुष के सात रंगों वाले हमारे जीवन में किसी भी तरह की टीका निवारणीय बीमारियों के खिलाफ़ सभी बच्चों का टीकाकरण करना हैं।

 

१. डिप्थीरिया।

२. काली खांसी (काली खांसी)।

३. टेटनस। 

४. क्षय रोग। 

५. पोलियो। 

६. हेपेटाइटिस बी। 

७. खसरा।

 

इसके अलावा, इस अभियान के अंतर्गत चयनित राज्यों में जापानी इंसेफेलाइटिस (जेई) और हेमोफिलस इन्फ्लुएंजा टाइप बी (एचआईबी) के लिए भी टीके प्रदान किये जाएगें।

मिशन  इन्द्रधनुष  का  प्रथम  चरण:

 

प्रथम चरण के लिए, सरकार द्वारा पूरे भारतवर्ष के अठाईस राज्यों के दो सौ एक जिलों में आंशिक रूप से प्रतिरक्षित और अप्रतिरक्षित सभी तरह के बच्चों की पहचान करके उनके प्रतिरक्षितकरण करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

 

मिशन इन्द्रधनुष के प्रथम चरण में कुल चार चरण थे। इस अभियान का पहला चरण ७ अप्रैल २०१५ को शुरू किया गया था। इस चरण को एक सप्ताह से अधिक समय तक जारी रखा गया था।

 

इसके अलावा, दूसरे, तीसरे और चौथे चरण को मई, जून और जुलाई महीने की सात तारीख से एक सप्ताह से अधिक के लिए आयोजित किया गया था। इस मिशन का प्रथम चरण अत्यधिक सफल रहा था।

 

मिशन  इन्द्रधनुष  के  प्रथम  चरण  के  मुख्य  बिंदु  नीचे  दिए  गए  हैं:

  • मिशन इन्द्रधनुष के इन चार चरणों के दौरान कुल ९.४ लाख सत्रों का आयोजन किया गया था।
  • बच्चों सहित गर्भवती महिलाओं को दो करोड़ टीके लगाए थे।
  • बीस लाख से अधिक गर्भवती महिलाओं को टेटनस टाक्साइड के टीके लगाए थे।
  • इसमें ७५.५ लाख बच्चों को टीके लगाए थे, जिनमें लगभग २० लाख बच्चों का पूर्ण टीकाकरण किया गया था।
  • सभी बच्चों को डायरिया/अतिसार/दस्त से सुरक्षा प्रदान करने के लिए अधिक से अधिक ५७ लाख जिंक टैबलेट और १६ लाख ओआरएस पैकेट निशुल्क बांटे गए।

मिशन  इन्द्रधनुष  का  दूसरा  चरण।

 

  • मिशन इन्द्रधनुष के दूसरे चरण का शुभारंभ ७ अक्टूबर २०१५ को किया गया। इस अभियान के दूसरे, तीसरे और चौथे चरण का शुभारंभ ७ नवंबर, ७ दिसंबर २०१५ और ७  जनवरी २०१६ से किया जाएगा।

 

  • इस अभियान का उद्देश्य तीन सौ बावन जिलों में पूर्ण टीकाकरण प्राप्त करना हैं, जिसमें दो सौ उनासी मध्य प्राथमिकता जिलों, उत्तर-पूर्व राज्यों के तैंतीस जिलों और तथा प्रथम चरण के दौरान बढ़ी संख्या में चालीस जिलों में टीकाकरण से वंचित हुए बच्चों का टीकाकरण शामिल हैं।

 

Important Links:-

            www.nrhmharyana.gov.in

            www.missionindradhanush.in


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