Pradhan mantri Swadesh Darshan Yojana(स्वदेश दर्शन योजना)

Published Date - 15 September 2017 05:20:56 Updated Date - 25 October 2017 10:04:07

सरकार ने स्वदेश दर्शन योजना के तहत 63 परियोजनाओं के लिए गत जून माह तक 5309.95 करोड़ रुपए और प्रसाद योजना के अंतर्गत 19 परियोजनाओं के लिए 529.12 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। पर्यटन एवं संस्कृति राज्यमंत्री महेश शर्मा ने एक लिखित प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि देश में पर्यटन अधोसंरचना के विकास के लिए पर्यटन मंत्रालय ने वर्ष 2014- 15 में स्वदेश दर्शन और प्रसाद नाम से दो योजनाओं की शुरूआत की थी।

हम सभी बाखूबी जानते है कि भारत, पर्यटकों के लिए पसंदीदा स्थलों में से एक है जहां हर साल लाखों की तादाद में पर्यटक आना पंसद करते है। वहीं भारतीय पर्यटक भी अक्सर तीर्थस्थलों पर जाने की योजना बना लेते है इस तरह देखा जाए तो भारत की आय का स्रोत पर्यटक भी है जिससे देश लगातार विकास की ओर बढ़ रहा है।

ऐसे में इन पर्यटकों की सुविधाओं को मज़ूबत बनाने के लिए जरुरी है पर्यटन स्थलों का सही रख रखाव और शायद यही वज़ह रही कि पर्यटक विकास को बढ़ावा देते हुए मान्यवर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘स्वदेश दर्शन एंव प्रसाद योजना’ लागू की गई। 

क्या है ‘स्वदेश दर्शन एंव प्रसाद योजना’

‘स्वदेश दर्शन एंव प्रसाद योजना’ भारत सरकार द्वारा शुरु की गई एक ऐसी योजना है जिसके तहत पर्यटन स्थल की मूलभूत सुविधाओं में सुधार करना है। इस योजना की शुरुआत भारतीय पर्यटन मंत्रालय ने साल 2014-15 को की थी, जिसके अंतर्गत दो योजनाओं को शामिल किया गया था। पहली योजना, प्रसाद यानि की तीर्थयात्रा कायाकल्प एंव आधात्मिक संवर्धन ड्राइव, जिसका मकसद सभी धर्मों के तीर्थ केंद्रो को सुविधा उपलब्ध कराना है।

वहीं दूसरी योजना रही ‘स्वदेश दर्शन स्कीम’ जो की थीम पर आधारित पर्यटन सर्किट के एकीकृत विकास के लिए है। बताते चलें कि यह योजनाएं केंद्र सरकार के नेतृत्व में बेहतर तरीके से देश की हेरीटेज सिटिज को विकसित करने और अधिक पर्यटकों को हासिल करने के लिए बनाई गई है।

 

स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत विकास के लिए तेरह सर्किट की पहचान की गई है, जिनमें पूर्वोत्तर भारत सर्किट, बौद्ध सर्किट, हिमालय सर्किट, तटीय सर्किट, कृष्णा सर्किट, मरुस्थल सर्किट, जनजातीय सर्किट, इको सर्किट, वन्यजीव सर्किट, ग्रामीण सर्किट, आध्यात्मिक सर्किट, रामायण सर्किट और धरोहर सर्किट शामिल हैं। उन्होंने बताया कि प्रसाद योजना के तहत 25 धार्मिक स्थलों और शहरों की विकास के लिए पहचान की गई है।

 

इनमें आंध्र प्रदेश में अमरावती, श्रीशैलम और तिरुपति पंजाब में अमृतसर, राजस्थान में अजमेर, उत्तर प्रदेश में अयोध्या, मथुरा और वाराणसी, उत्तराखंड में बद्रीनाथ और केदारनाथ, पश्चिम बंगाल में बेलूर, गुजरात में द्वारका और सोमनाथ, झारखंड में देवघर, बिहार में गया और पटना, केरल में गुरुवयूर, जम्मू-कश्मीर में हजरतबल और कटरा, असम में कामाख्या, तमिलनाडु में कांचीपुरम और वेल्लनकनी, मध्यप्रदेश में ओंकारेश्वर, ओडिशा में पुरी और महाराष्ट्र में त्र्यम्बकेश्वर शामिल हैं।

‘स्वदेश दर्शन एंव प्रसाद योजना’ का उद्देश्य

जैसा की हम पहले ही बता चुके है कि पर्यटन की मदद से भारतीय मुद्रा में लगातार मुनाफ़ा हुआ है। यह भारत की GDP में 6.8 प्रतिशत योगदान देता है इसलिए जरुरी है कि देश में पर्यटकों की संख्या बढ़ाई जाएं। ऐसा करने से देश की आर्थिक स्थिति मज़बूत होगी तो वहीं GDP का स्तर भी बढ़ेगा।

इसके लिए देश के सभी पर्यटन स्थलों का सही रखरखाव करना अनिवार्य है जो कि इस योजना के तहत संभव हो पाएगा। योजना के ज़रिए सड़क एवं परिवहन सुविधाओं, रेलवे, नागरिक उड्डयन और कौशल विकास प्रशिक्षण आदि सुविधाओं पर गौर किया जाएगा।

कमी आने पर तुंरत समाधान भी निकाला जा सकेगा। बता दें अगर विभिन्‍न मंत्रालय मिलजुल कर कार्य करें तो भारतीय पर्यटन कई गुना बढ़ सकता है।

योजना के तहत किए जानें वालें कार्य

1) बौद्ध सर्किट के महत्‍वपूर्ण स्‍थलों को हेलिकॉप्‍टर सेवाओं से जोड़ना।

2) महत्‍वपूर्ण पर्यटक स्‍थलों की रेलगाड़ियों में पर्यटकों के लिए विशेष डिब्‍बे स्थापित करना।

3) रोजगार बढ़ाने के लिए स्‍थानीय लोगों विशेष रूप से महिलाओं को पर्यटक गाइड के रूप में प्रशिक्षित करना।

4) योजना के अनुसार तीर्थ स्थलों पर ठहरावपेयजलस्नानागारशौचालयसाफ–सफाईबिजली,सुरक्षा आदि की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना। सभी कॉम्पलैक्स में सुविधाओं को बहाल रखने हेतु केयर–टेकर भी तैनात करना।

5) पर्यटन क्षेत्रों में परिवहन और ठहरने जैसी आधाभूत बुनियादी सुविधाओं में सुधार करना शामिलआदि।

‘स्वदेश दर्शन एंव प्रसाद योजना’ के लाभ

1)   इससे धार्मिक और पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण स्थलों को विश्व स्तरीय सुविधाओं से युक्त बनाया जाएगा।

2)   इन केंद्रों को बिजलीपानीसड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं से युक्त करने के साथ ही बेहतर पार्किंग,रहने के लिए अतिथिगृहों के निर्माण की योजना बनाई गई है। इसके तहत पर्यटन विभाग से जुडी सभी मूलभूत आवश्यकताओ की पूर्ती पर ध्यान दिया जायेगा।

3)   इसके तहत पर्यटन विभाग से जुडी सभी मूलभूत आवश्यकताओ की पूर्ती पर ध्यान दिया जायेगा।

‘स्वदेश दर्शन योजना’ की प्रमुख विशेषताएं

1)   यह योजना प्रोजेक्ट कंपोनेंट्स के लिए 100 प्रतिशत सेंट्रली फंडेड है एंव पब्लिक फंडेड के लिए शुरु की गई है।

2)   व्यक्तिगत प्रोजेक्ट्स की फंडिग, एक राज्य में परिवर्तित होगी एंव पीएमसी द्वारा तैयार डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट पर आधार पर फाइनिलाइज्ड की जाएगी।

3)   मिशन के उद्देश्य और योजना के विज़न को चलाने के लिए अध्यक्ष रुप में पर्यटन मंत्रालय के प्रभारी मंत्री के साथ NSC का गठन किया जाएगा।

4)   PMC मिशन निदेशालय द्वारा नियुक्त किए जाने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक सलाहकार होगा।

 

स्वदेश दर्शन एंव प्रसाद योजना’ से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए निचे दिए गए लिंको पर क्लिक करें:-

http://tourism.gov.in/sites/default/files/Other/Swadesh%2BBrochure%2B2016%2B-%2BHindi%2BWeb%2Bwithout%2BPM.pdf

http://pib.nic.in/newsite/hindirelease.aspx?relid=40066

http://tourism.gov.in/

 


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