Pradhanmantri Awas Yojana in Hindi ( प्रधानमंत्री आवास योजना)Complete Details

Published Date - 10 September 2017 02:59:07 Updated Date - 25 October 2017 10:31:45

केंद्र की मोदी सरकार की महात्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री आवास योजना जरूरतमंद लोगों के लिए है। सबका साथ, सबका विकास के एजेंडे को लेकर आगे बढ़ रही केंद्र की मोदी सरकार ने मध्यवर्ग को राहत देते हुए सस्ता होम लोन देने का निर्णय किया है। सरकार ने इस बारे में दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए हैं। मोदी सरकार का लक्ष्य है के 2022 तक देश के सबको आवास की सुविधा मिल जाएगा। इसी क्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 51 लाख नए घरों का निर्माण किया जाएगा। ये घर हर तरह की मूल-भूत सुविधा से लैस होंगे साथ ही इन घरों की गुणवत्ता पहले से और बेहतर होगी। ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर से जारी सूचना के अनुसार राज्य सरकारों के सहयोग से मार्च 2018 तक 51 लाख नए घरों का निर्माण कराया जाएगा। वर्तमान में 33 लाख से अधिक मकाका निर्माणा कार्य जारी है। ग्रामीण विकास मंत्रालय मे उम्मीद जताई है कि साल 2019 तक सभी भवनों का निर्माण करा लिया जाएगा। पीएम आवास योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन भी शुरु हो चुका है।

अगर आप प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत घर खरीदना चाहते हैं तो आपके पास डाउन पेमेंट की रकम जुटाने, स्थान, बिल्डर और कर्जदाता सुनिश्चित करने के लिए महज 9 महीने बचे हैं। मध्यवर्गीय लोगों (MIG) के लिए हाल ही में आई क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम (CLSS) 1 जनवरी 2017 से शुरू हो गई है। आइए देखते हैं कि इस कैटिगरी में कौन-कौन से लोग आते हैं? किसी परिवार का कौन-कौन सा सदस्य योजना के तहत आवेदन कर सकता है? सब्सिडी के रूप में कितने रुपये की बचत हो सकती है और इससे आपके लोन अमाउंट में कितनी कटौती हो सकती है?

योग्यता
इस योजना का प्राथमिक लक्ष्य सभी को पक्का मकान मुहैया कराना है। ऐसे में जिसके पास पहले से ही घर है या जिसके पारिवारिक सदस्य का कोई घर है, वह इस योजना का लाभ नहीं उठा सकता।

नियम कहता है कि PMAY का लाभ उसे ही मिल सकता है जिसके पास उसका या उसके परिवार का पक्का घर नहीं हो और न ही भारत सरकार की किसी आवास योजना के तहत कोई लाभ लिया हो।

योजना के तहत पति, पत्नी और अविवाहित बेटे, बेटियां परिवार में शामिल हैं। किसी तरह के फर्जीवाड़े की आशंका नहीं रहे, इसके लिए आवेदन फॉर्म में पारिवारिक सदस्यों का आधार नंबर देना जरूरी है।

गाइडलाइंस में यह भी कहा गया है कि कमाई करने वाले किसी विवाहित या अविवाहित अडल्ट मेंबर को अलग परिवार माना जा सकता है, बशर्ते उसके नाम पर देशभर में कहीं कोई पक्का मकान नहीं हो। यानी, पक्का मकान वाले माता-पिता का/की कमाऊ बेटा/बेटी भी PMAY का लाभ ले सकता है, बशर्ते खुद उसके नाम पर कोई पक्का मकान नहीं हो।

पक्का घर वाले माता-पिता के/की विवाहित बेटे-बेटियां तो वैसे भी अलग परिवार माने जाते/जाती हैं। हालांकि, पति-पत्नी दोनों PMAY का लाभ नहीं ले सकते। यानी, बेटे-बहू या बेटी-दामाद के नाम पर हर हाल में एक ही मकान पर सब्सिडी मिल सकती है। यह उनकी मर्जी होगी कि मकान का मालिकाना हक कोई एक अपने पास रखें या दोनों साथ-साथ।

ऑनलाइन करें पीएम आवास योजना के लिए आवेदन:- देश में एक बड़ा वर्ग मध्यवर्ग का है। इस वर्ग के लोग ज्यादातर अपने घर परिवार से दूर रहकर काम करते हैं। बड़े शहरों में होम लोन और रियलस्टेट की आसमान छूती दरों के चलते एक मध्यमवर्गीय परिवार के लिए घर लेना एक सपने जैसा था लेकिन अब ये सपना हकीकत बनने जा रहा है। सरकार ने 4 फीसदी होम लोन पर सबको घर देने का फैसला किया है। हालांकि इसके लिए कुछ नियम और शर्तें हैं जिन्हें जानना जरूरी है। केंद्र सरकार शहरी क्षेत्रों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा दे रही है। ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 3 नवंबर से शुरू हो चुकी है। केंद्र सरकार के मुताबिक प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए और ज्यादा से ज्यादा लोगों को आवेदन देने की व्यवस्था की गई है। पीएम आवास योजना की साइट इंटरनेट एक्सप्लोरल पर आसानी से खुल जाती है।

ऑनलाइन आवेदन की फीस है :- मामूली जो भी आवेदक प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन करेगा उसे इसका एक मामूली शुल्क चुकाना होगा। शहरी आवास एवं गरीबी उन्मूलन मंत्रालय के जॉइंट सेक्रटरी अभिजात और ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड के CEO दिनेश त्यागी द्वारा साइन किए मेमोरेंडम के मुताबिक देश भर में स्थापित 60,000 कॉमन सर्विस सेंटर्स पर यह फॉर्म भरे जा सकेंगे। यह फॉर्म 25 रुपए में एक भरे जाएंगे।

 

 

सब्सिडी
6 से 12 लाख रुपये की सालाना आमदनी वाले MIG की पहली कैटिगरी के लोगों को 9 लाख रुपये तक के लोन अमाउंट के ब्याज पर 4% की सब्सिडी मिलेगी जबकि 12 से 18 लाख रुपये की सालाना आमदनी वाली दूसरी कैटिगरी के लोगों को 12 लाख रुपये तक के लोन के ब्याज पर 3% की छूट मिलेगी।

अगर कोई इससे ज्यादा लोन लेगा तो उसे अतिरिक्त रकम पर बैंक की ओर से तय दर पर ही ब्याज चुकाना होगा

ऐसेमिलतीहैसब्सिडी
मान लीजिए अगर 12 लाख रुपये के लोन पर ब्याज का 3% कुल 2.30 लाख रुपये बन रहा है। ऐसे में यह रकम आपके लोन की रकम से ही घटा दी जाएगी और बकाया रकम पर बैंक की ओर से तय ब्याज दर के साथ EMI भरनी होगा। यानी, 12 लाख रुपये में से 2.30 लाख रुपये घटाने के बाद बची रकम 9.7 लाख रुपये पर आपको 9% (अगर बैंक की ब्याज दर यही हो तो) के ब्याज दर के साथ EMI देनी पड़ेगी। इसका फायदा यह होगा कि आपकी EMI ही कम हो जाएगी क्योंकि सरकार हर महीने आपके लोन अकाउंट में इंट्रेस्ट सब्सिडी की रकम डाल दिया करेगी।

किनघरोंपरमिलेगालोन?
आप किसी डिवेलपर या बिल्डर से घर खरीद रहे हैं या कोई पुराना मकान खरीद रहे हैं, आप PMAY का लाभ उठा सकते हैं।

जो लोग घर खरीदने की बजाय इसे खुद बनवा रहे हैं, उन्हें भी इस योजना का लाभ मिलेगा।

जिनके पास अभी पक्का मकान है, वो इसकी मरम्मत करने या इसमें कुछ और कमरे जुड़वाने या किसी दूसरे तरह से इसका विस्तार करने के लिए भी लोन ले सकते हैं।

बैंक आपको मौजूदा पक्का मकान में किचन, कमरा आदि बनाने के लिए योजना के तहत लोन देने से यह कहकर इनकार नहीं कर सकता कि आपके पास पहले से ही पक्का मकान है।

कितनेबड़ेमकानपरमिलेगालोन?
हर कैटिगरी के लाभुक के अनुसार घर का क्षेत्रफल भी तय है। हालांकि, इसके तहत उसी एरिया को मापा जाता है जो दीवारों से घिरा हो जिसे कार्पेट एरिया कहा जाता है। इसमें दीवार की मोटाई का माप शामिल नहीं होता। आसान शब्दों में कहें तो जिस भाग पर आप दरी बिछा सकते हैं, वही घर का कार्पेट एरिया कहलाएगा।

MIG I के लोगों के लिए कार्पेट एरिया 90 वर्ग मीटर यानी 968.752 वर्ग फीट है जबकि MIG II कैटिगरी के लिए यह 110 वर्ग मीटर यानी 1184.03 वर्ग फीट है।

कहांसेलेंसब्सिडीवालालोन?
आप कमर्शल बैंकों, हाउजिंग फाइनैंस कंपनियों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, राज्य सहकारी बैंकों, शहरी सहकारी बैंकों, छोटे वित्तीय बैंकों, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों आदि से लोन लेकर ब्याज पर उचित सब्सिडी पा सकते हैं। आपको किसी तरह का प्रोसेसिंग चार्ज भी नहीं देना होगा। हां, आप योजना के तहत जितना लोन लेने के योग्य हैं, उससे ज्यादा लोन ले रहे हैं तो अतिरिक्त रकम पर आपको नॉर्मल प्रोसेसिंग फी देनी पड़ सकती है।

संभावना
एरिया तय किए जाने से शहरी क्षेत्र में लोग इस योजना के प्रति बहुत दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि सरकार कार्पेट एरिया की सीमा खत्म कर देगी।

निष्कर्ष
साल 2017 के बजट में सस्ते आवास को इन्फ्रास्ट्रक्चर का दर्जा प्रदान किया गया है। इसका डिवेलपरों को लाभ मिलेगा, लेकिन एक आम नागरिक के लिए समय पर पजेशन मिल जाने का सपना अब भी दूर है। डिवेलपरों को सस्ते आवास को इन्फ्रास्ट्रक्चर का दर्जा मिलने का लाभ लेने के लिए 3 साल में प्रॉजेक्ट पूरा करना होगा। हालांकि, अभी यह अवधि पांच साल की है। कुल मिलाकर, अगर आप पहली बार घर खरीद रहे हैं तो इस योजना के सारे नियम-शर्तों का सही से जानकारी ले लें।

11 लाख शहरी गरीबों को मिल चुका है लाभ :- सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय और शहरी मंत्रालय की इस संयुक्त पहल के जरिए ज्यादा से ज्यादा शहरी गरीब प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घरों के लिए आवेदन कर सकेंगे। इससे उन लोगों को आसानी होगी, जो सीधे तौर पर फॉर्म भरने में कठिनाई महसूस कर रहे थे। केंद्रीय मंत्री एम वैंकेया नायडू ने बताया कि इस योजना के तहत 2005-14 तक करीब 13.70 लाख गरीबों को आवास आवंटित किए गए थे वहीं, बीते एक साल में ही मोदी सरकार ने 11 लाख शहरी गरीबों को आवास मुहैया कराए हैं।

आवेदकों को मिलेगी रसीद :-  कॉमन सर्विस सेंटर्स पर इस योजना के तहत भरे जाने वाले फॉर्मों के लिए आवेदकों को रसीद भी जाएगी, जिसमें आवेदक की फोटो लगी होगी। इस रसीद के जरिए आवेदन का स्टेटस पता लगाया जा सकेगा। आवेदकों को योजना की पूरी जानकारी और आवेदन के लिए नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर पर जाना होगा। इस योजना के लिए आधार कार्ड जरूरी है लेकिन मंत्रालय ने इसके अलावा एक और व्यवस्था की है, जिसके जरिए आधार कार्ड न होने पर पूरे वेरिफिकेशन के बाद लाभार्थी आवेदन कर सकेंगे।

किसे मिलेगा लाभ :- अगर आप आर्थिक रूप से कमजोर हैं और आप कम आय वर्ग में आते हैं तो आप इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। कम आय वर्ग में आपकी सालाना आय तीन लाख रुपए से कम होनी चाहिए। आर्थिक रुप से कमजोर तबके के लोगों को कम ब्याज दर पर और सब्सिडी के साथ होम लोन दिया जाएगा।

क्रेडिट लिंक सब्सिडी स्कीम:- क्रेडिट लिंक सब्सिडी का लाभ ऐसे शहरवासियों को मिलता है जो कम आय वर्ग से हैं। इसके लिए उन्हें घर निर्माण के लिए सरकार की तरफ से वित्तीय मदद मिलती है। इस योजना के तहत मिलने वाले ऋण पर 6.5 % की दर से ब्याज लगता है जिसे 15 वर्षों में चुकाना होता है।

 

EWS श्रेणी :- इस योजना के तहत दो कटेगरी में लाभ मिलेगा। किसी परिवार को EWS श्रेणी में तभी रखा जाएगा अगर वार्षिक आय 3 लाख से ज़्यादा ना हो। साथ ही आपको बता दें कि इस योजना का लाभ EWS ओर LIG श्रेणी के परिवारों को ही दिया जाएगा। EWS श्रेणी में उन्ही परिवारों को रखा जाएगा जिनकी वार्षिक आय 3 लाख रुपए से अधिक नहीं होगी।

LIG श्रेणी :- इस कटेगरी में किसी परिवार को LIG श्रेणी में तभी रखा जाएगा अगर सालाना आय 3 से 6 लाख रुपए के बीच में रहेगी। इसके लिए आवेदक को अपने आप को LIG या EWS श्रेणी का प्रमाणित करने के लिए स्वप्रमाणित (सेल्फ अटेस्टेड) हलफनामा प्रस्तुत करना होगा। आवेदन परिवार की महिला के नाम से करना होगा, आवेदक की आयु 21 से 55 वर्ष के बीच होनी चाहिए, अगर परिवार के किसी भी सदस्य के नाम पर पक्का मकान पहले से ही है तो वो इस योजना का लाभ नही उठा पाएगा।

कैसे करें आवेदन:- सबसे पहले आप http://pradhanmantriawasyojna.com/ यूआरअल को किसी ब्राउजर के जरिए खोलें। फिर आपको एक दाएं साइड में एक ऑनलाइन फॉर्म दिखेगा। उसमें अपना नाम, पता, फोन नंबर, आदि के बारे में जानकारी भरें, फिर नीचे दिए गए सबमिट बटन पर क्लिक करें।


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