Published Date - 12 September 2017 04:32:54 Updated Date - 25 October 2017 10:38:13

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (Pradhanmantri Garib Kalyan Yojana)

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण जमायोजना के तहत अपनी अघोषित आय की घोषणा करने वालों को सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक ने 30 अप्रैल तक राशि जमा करने की अनुमति प्रदान की है, बशर्ते वे 31 मार्च तक इसकी घोषणा कर चुके हों और कर व जुर्माना जमा करा चुके हों. इस योजना में चार साल तक कोई ब्याज नहीं मिलेगा. कालाधन रखने वालों को सरकार ने एक और मौका दिया है। सरकार ने आज प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना की बारीकियां समझाई। कल से ये योजना खुलेगी और 31 मार्च 2017 को बंद होगी। इसके तहत हुए खुलासे पर 50 फीसदी टैक्‍स और जुर्माना लगेगा। बाकी की 25 फीसदी रकम 4 साल के लिए बैंक में ही जमा रहेगी जिस पर कोई ब्याज नहीं मिलेगा।

 

अघोषित आय के बारे में बताने वालों के नामों का खुलासा नहीं होगा। लेकिन सरकार ने चेतावनी दी है कि 31 मार्च 2017 के बाद जो पकड़े जाएंगे उनकी खैर नहीं है। टैक्सचोरी पर पूरी आय जब्त हो सकती है और करीब 77 फीसदी न्यूनतम टैक्स चुकाना होगा। जुर्माने से जो राशि आएगी उसका इस्तेमाल गरीब कल्याण योजना के लिए किया जाएगा।

 

वहीं सरकार ने काले धन को सफेद करने वालों को भी चेतावनी दी है। सरकार ने साफ कर दिया है कि बैंक में जमा सभी धन सफेद नहीं हो जाएगा। पैसे का हिसाब नहीं मिला तो काला धन माना जाएगा। कालेधन पर जानकारी देने के लिए ई-मेल तैयार किया गया है।

 blackmoneyinfo@incometax.gov.in पर आप इसकी सूचना दे सकते हैं।

 

सरकार ने पैन कार्ड को लेकर भी सफाई दी है। उसने कहा है कि नया खाता खोलने में पैन अनिवार्य होगा। 1-2 महीने में सभी खातों को पैन से जोड़ा जाएगा। नया खाता खोलने के लिए पैन अनिवार्य होगा, लेकिन जन धन खातों के लिए पैन अनिवार्य नहीं होगा। साथ ही सरकार ने ये भी कहा कि कैश लिमिट पर आगे कुछ और कदम उठाए जाएंगे।
 
इधर टैक्स चोरी कर रहे लोगों को सरकार ने सख्त चेतावनी भी दी है। सरकार ने कहा है कि ऐसे लोग सरकार की नजर से बच नहीं सकते। सीबीडीटी चेयरमैन सुशील चंद्रा ने बताया कि नोटबंदी के बाद कालेधन के रूप में 316 करोड़ रुपये की नकदी जब्त की गई है।

 

अगर गरीब कल्याण योजना के बाद काले धन का पता चला और आय के स्रोत की जानकारी नहीं मिली तो 77.25 फीसदी पैसा सरकार ले लेगी। अगर आय का स्रोत साबित नहीं कर सके तो 85 फीसदी पैसा भरना होगा। योजना के बाद छापा पड़ने पर काला धन मिलने पर 60 फीसदी पैसा भरना होगा। अगर छापा पड़ा और काले धन होने की बात स्वीकारी तो 90 फीसदी पैसा सरकार को देना पड़ेगा। टैक्स एक्सपर्ट शरद कोहली का कहना है कि काले धन खुलासे की स्कीम आखिरी मौका है, इसके बाद पकड़े जाने पर काफी मुश्किलें हो सकती हैं।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण जमा योजना के तहत अपनी अघोषित आय की घोषणा करने वालों को सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक ने 30 अप्रैल तक राशि जमा करने की अनुमति प्रदान की है, बशर्ते वे 31 मार्च तक इसकी घोषणा कर चुके हों और कर व जुर्माना जमा करा चुके हों. इस योजना में चार साल तक कोई ब्याज नहीं मिलेगा.

रिजर्व बैंक ने एक विज्ञप्ति में कहा कि यह विस्तार बैंकों को भी दिया गया है ताकि वे रिजर्व बैंक की ई-कुबेर प्रणाली पर 30 अप्रैल तक ब्यौरे को अपलोड कर सकें. उल्लेखनीय है कि सरकार ने इस योजना की शुरूआत 17 दिसंबर 2016 को की थी. अपने कालेधन की घोषणा करने के अंतिम अवसर के तौर पर शुरू की गई इस योजना की अंतिम तिथि 31 मार्च थी. इसके तहत जुर्माना और कर अदा करने के बाद पाक साफ निकला जा सकता है.

विज्ञप्ति में कहा गया है कि जमा करने और अपलोड करने की तिथि को 30 अप्रैल से आगे नहीं बढ़ाया जाएगा. वित्त मंत्रालय ने एक अलग अधिसूचना में कहा है कि जिन मामलों में कर, अधिभार और दंड की राशि को 31 मार्च 2017 तक प्राप्त किया जा चुका है, उनमें बांड लेजर खाता खोलने की प्रभावी तिथि वह मानी जाएगी जिस दिन रिजर्व बैंक को अधिकृत बैंक से वह जमा प्राप्त होगी.

नोटबंदी के बाद 500 और 1000 रुपए के पुराने नोटों को जमा करने को लेकर बदलते नियमों के बीच सकून देने वाली खबर आई है. अब सरकार प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (पीएमजीकेवाई) में 30 दिसंबर तक पुराने नोटों का जमा किया जा सकता है.

दरअसल, केंद्र सरकार ने काले धन जमा करने वालों के खिलाफ प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के लिए लेकर आई है. इसके तहत, जिसके पास भी अघोषित आय है, उन्हें कर, जुर्माना और सरचार्ज के रूप में 50 प्रतिशत देकर पाक-साफ होने का मौका दिया गया है.

साथ ही उन्हें 25 प्रतिशत राशि बिना ब्याज वाले जमा योजना में चार साल के लिए लगानी होगी. आयकर विभाग ने कहा कि पीएमजीकेवाई के तहत घोषित आय पर कर भुगतान के लिए 500 और 1,000 रुपए के प्रतिबंधित नोट का उपयोग 30 दिसंबर तक किया जा सकता है.

पीएमजीकेवाई योजना 17 दिसंबर 2016 को खुली और लोग अघोषित आय के बारे में खुलासा 31 मार्च 2017 तक कर सकते हैं. वित्त मंत्रालय के अनुसार, इस योजना के तहत कर, अधिभार और जुर्माना का भुगतान चालान आईटीएनएस-287 के जरिये किया जाएगा. ये रकम जमा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना 2016 में की जानी है.

अघोषित आय का एक चौथाई हिस्सा नकद में पीएमजीके जमा योजना 2016 में जमा की जा सकती है. इस पर कोई ब्याज नहीं मिलेगा. शेष 25 प्रतिशत राशि संबंधित व्यक्ति अपने बैंक खाते में रख सकता है. 30 दिसंबर के बाद कर के साथ-साथ जमा चैक या आरटीजीएस के जरिये करना होगा.

योजना के तहत कालाधन की घोषणा नहीं करने और उसे कर रिटर्न में आय के रूप में दिखाये जाने पर कर और जुर्माने के रूप में 77.25 प्रतिशत लगेगा. अगर योजना के तहत खुलासा नहीं किया जाता है तो कर पर 10 प्रतिशत जुर्माना लगाया जा जाएगा और अभियोजन भी चलाया जाएगा.


satendra pratap singh rajawat

01-12-2017

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