Published Date - 08 September 2017 07:08:52 Updated Date - 25 October 2017 10:31:08

प्रधानमंत्री जनधन योजना

हर भारतीय का बैंक में अकाउंट हो,इस उद्देश्य के साथ इस योजना की शुरुआत की गयी है । सुरक्षित तरीके से पैसों की बचत के उद्देश्य के लिये बैंक खातों से हरेक भारतीय नागरिक को जोड़ने के लिये 28 अगस्त 2014 को भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा जन धन योजना की शुरुआत की गयी है। लाल किले पर राष्ट्र को संबोधित करने के दौरान 15 अगस्त 2015 को उन्होंने इस योजना के बारे में घोषणा की। हालांकि इसकी शुरुआत दो हफ्ते बाद हुई। इस योजना के अनुसार, इस योजना के शुरुआत होने के पहले दिन ही लगभग 1 करोड़ बैंक खाते खोले गये। भारत में अंतिम स्तर तक विकास लाने के लिये मुद्रा बचत योजना बहुत जरुरी है जिसको ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों में अपने बचत के बारे में अधिक सतर्क बनाने के द्वारा शुरुआत और प्राप्त किया जा सकता है।

भारत के गरीब लोगों को खोले गये खातों के सभी लाभ को देने और बैंक खातों से उनको जोड़ने के लिये भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा खासतौर से बनायी गयी खाता खोलने वाली और पैसा बचत स्कीम है जन धन योजना। भरतीय स्वतंत्रता दिवस से दो सप्ताह बाद 28 अगस्त को पीएम के द्वारा इस योजना की शुरुआत की गयी। बैंक से उसके लाभ से सभी भारतीय नागरिकों को जोड़ने के लिये एक राष्ट्रीय चुनौती के रुप में इस खाता खोलने वाली और मुद्रा बचत योजना की शुरुआत की गयी थी।

इस योजना को एक सफल योजना बनाने के लिये बहुत सारे कार्यक्रमों को लागू किया गया है। बैंक खातों के महत्व के बारे में जागरुक बनाने के साथ ही बैंक खाता खोलने के फायदे और प्रक्रिया के बारे में उनको समझाने और लोगों के दिमाग को इस ओर खींचने के लिये ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 60 हजार नामांकन कैंप लगाये गये।

28 अगस्त 2014 को भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा शुरुआत की गयी लोगों की मुद्रा बचत योजना है जन धन योजना। इसे प्रधानमंत्री जन धन योजना भी कहा जाता है जोकि वास्तव में ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले आम भारतीय लोगों के लिये कुछ अवसर बनाने के लिये लोगों की एक संपत्ति योजना है। प्रधानमंत्री के द्वारा शुरु की गयी ये योजना गरीब लोगों को पैसा बचाने में सक्षम बनाती है। यहाँ रहने वाले लोगों को स्वतंत्र बनाना ही सही मायने में एक स्वतंत्र भारत बनाना है। भारत एक ऐसा देश है जो भ्रामीण क्षेत्रों में रहने लोगों की पिछड़ेपन की स्थिति के कारण अभी भी एक विकासशील देशों में गिना जाता है। अनुचित शिक्षा, असमानता, सामाजिक भेदभाव और बहुत सारी सामाजिक मुद्दों की वजह से भारत में गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले लोगों की दर उच्च है।

ये बहुत जरुरी है कि पैसा बचाने की आदत के बारे में लोगों के बीच जागरुकता बढ़े जिससे भविष्य में कुछ बेहतर करने के लिये वो स्वतंत्र हों और उनके भीतर कुछ विश्वास बढ़े। बचत किये गये पैसों की मदद से वो बुरे दिनों में बिना किसी के सहारे अपनी मदद कर सकते हैं। जब हरेक भारतीय लोगों के पास अपना बैंक खाता होगा तब वो पैसों की बचत के महत्व को ज्यादा अच्छे से समझ सकेंगे।

क्या है ओवरड्राफ्टिंग ?
अब हम आपको बताते हैं कि ओवरड्राफ्ट स्किम का मतलब क्या होता है। ओवरड्राफ्ट स्किम का यह मतलब तो बिल्कुल नहीं है कि हर खाता धारक के अकाउंट में 6 महीने बाद 5000 रुपये डाले जाएंगे। ओवरड्राफ्ट स्किम के मुताबिक खाताधारक 6 महीने पूरे होने पर 5000 रुपये तक का क्रेडिट बैंक से ले सकेंगे और वो भी कुछ नियम और शर्तों के साथ। खाताधारक को यह राशि बाद में धीरे- धीरे चुकाना भी होगी। क्रेडिट की अधिकतम राशि 5000 और न्यूनतम राशि 100 रुपये रखी गई है। 

 

क्या हैं शर्तें ?
इस सुविधा का लाभ एक परिवार के सिर्फ एक ही सदस्य को मिलेगा और वह भी सिर्फ कमाऊ सदस्य को। इसमें कमाऊ महिला सदस्य को प्राथमिकता दी जाएगी। अगर परिवार के किसी सदस्य ने किसी भी तरह का कोई दूसरा लोन लिया हुआ है तो उसे क्रेडिट की सुविधा नहीं मिलेगी। ग्रामीण इलाकों में इसके लिए 1 लाख तक की गारंटी और शहरी इलाकों के लिए एक लाख साठ हज़ार तक की गारंटी को आधार माना गया हैं।

 

इसके साथ ही एक और शर्त को जोड़ा गया हैं। अगर खाताधारक के खाते से लगातार पैसे नहीं निकाले गए हैं तो उसे ओवरड्राफ्ट की सुविधा नहीं मिलेगी। 


Suraj Kumar Maurya

11-02-2018

nice

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