Published Date - 15 September 2017 02:57:23 Updated Date - 25 October 2017 10:07:29

Shramev Jayate Yojana Portal (पंडित दीनदयाल उपाध्याय श्रमेव जयते योजना)

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने श्रमिक हित को देखते हुए ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय श्रमेव जयते कार्यक्रम’ व्यवस्थित ढंग से पारित किया। दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में पीएम मोदी ने अपने संबोधन में बताया था कि ‘सत्यमेव जयते’ जितनी ही ताकत रखता है।‘श्रमेव जयते’ भी उतनी महत्वत्ता रखता है।

” राष्‍ट्र के विकास में ‘श्रमेव जयते’ की उतनी ही अहमियत है जितनी ‘सत्‍यमेव जयते’ की ” !!
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने 16 अक्टूबर 2014 को पंडित दीनदयाल उपाध्‍याय श्रमेव जयते कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण के लिए श्रम की जरूरत है। हमने आज तक श्रम को उचित दर्जा नहीं दिया है। हमें अब श्रमिकों के प्रति नजरिया बदलना होगा। हमारा श्रमिक श्रम योगी है।
इसके दौरान प्रधानमंत्री जी ने श्रमिक हित में पांच महत्त्वपूर्ण योजना चालू की जिसमे श्रमिको को हित को देखते हुए चालू किया है। मोदी जी ने कहा कि सत्यमेव जयते जितनी ही ताकत श्रमेव जयते में भी है हमने श्रम को उचित दर्जा नहीं दिया। श्रमिकों को उचित दर्जा नहीं दिया गया, युवा पीढ़ी में विश्वास और भरोसा पैदा करने की दिशा में है यह प्रयास। जब अपनों में कोई बड़ा बनता है तो वह प्रेरणा बन जाता है, हम इसे आगे बढ़ाना चाहते हैं।
लोगों में व्हाइट कॉलर जॉब को लेकर बहुत इज्जत होती है, पर श्रमिकों के लिए यह नजरिया बिल्कुल अलग है। हमें इसे ही बदलना होगा, हर मजदूर को पीपीएफ के लिए एक UAN यानि यूनिवर्सल एकाउंट नंबर मिलेगा जो कंपनी बदलने के बाद भी नहीं बदलेगा कुछ वैसे ही जैसे यह सुविधा मोबाइल पोर्टेब्लिटी में होती है ।
इस प्रोजेक्ट को बैकिंग और इंडस्ट्रियल हाउसिंग से जोड़ा है हमने इस योजना को लागू करने का काम पहले से ही पूरा कर लिया है अब सिर्फ लॉन्च कर रहे हैं सरकार आशंकाओं से नहीं चलती इसके काम की शुरुआत भरोसे से होती है हमें अपने श्रमिकों पर भरोसा दिखाना होगा तभी आगे जा सकते हैं।
श्रमेव जयते का मकसद किसी प्रोजेक्ट को सुचारू ढंग से लागू करना, उत्पाद बढ़ाना और ज्यादा से ज्यादा रोजगार पैदा करना है । साथ ही श्रमिकों के हितों का ख्याल रखना और इंडस्ट्री की उद्मता का विकास करना, हमने बचपन से इंस्पेक्टर राज शब्द को सुना। सोचते थे कि यह किसी पुलिसवाले के लिए इस्तेमाल में आता होगा, बाद में एहसास हुआ कि यह उससे भी ज्यादा है, इस योजना में इंस्पेक्टर राज को खत्म करने की पहल की गई है।
हमें उद्योगपति नहीं श्रमिकों की नजर से समस्या को देखना होगा स्किल डेवलपमेंट भारत के लिए बहुत बड़ा अवसर है, 2020 तक पूरी दुनिया को स्किलड कामगारों की जरूरत पड़ेगी। हम इस क्षेत्र में अच्छा काम कर सकते हैं,अगर हमें ‘मेक इन इंडिया’ को सफल बनाना है तो बिजनेस के लिए सकारात्मक माहौल बनाना होगा। ये श्रमयोगी आने वाले समय में राष्ट्रयोगी बनेगा. राष्ट्रनिर्माता बनेगा। उसी दिशा में यह एक कदम है, जो मेक इन इंडिया के मकसद को पूरा करेगा।
कार्यक्रम की पांच मुख्य बातें…
1. श्रम सुविधा यानि यूनिफाइड लेबर पोर्टल होगा जिसके तहत 6-7 लाख उद्योगों को सेल्फ सर्टिफिकेशन और सिंगल ऑनलाइन रिटर्न भरने की सुविधा होगी. साथ ही एक जिम्मेवार लेबर इंस्पेक्शन की योजना भी होगी।
2. मजदूरों के पीपीएफ के लिए एक UAN यानि यूनिवर्सल एकाउंट नंबर मिलेगा जो कंपनी बदलने के बाद भी नहीं बदलेगा।
3. वोकेशनल ट्रेनिंग की सुविधा दी जाएगी जो स्थानीय मांग और जरूरतों के हिसाब से तय होंगी।
4. अप्रेंटिस प्रोत्साहन योजना भी इसका हिस्सा होगी जिसके तहत युवाओं को रोजगार मिलना आसान हो जाएगा।
5. राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना को असंगठित क्षेत्र के मजदूरों पर भी लागू किया जाएगा।
कोई भी कार्य छोटा या बड़ा नहीं होता है यहाँ मै बात कर रहा हूँ मजदूरी ,श्रम इत्यादि अर्थात श्रम को छोटा न तोह समझे एवं इस सोच को भी खत्म किये जाने के प्रयास में ही श्री नरेन्द्र मोदी जी ने यह योजना का शुभारम्भ किया है इससे हमने जो मेक इन इंडिया का सपना देख है न उसमे कही ना कही विकास होगा एवं उसके लिए किये जा रहे प्रयासों में विस्तार होगा ।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 अक्टूबर 2014 को पंडित दीनदयाल उपाध्‍याय श्रमेव जयते (Shramev Jayate Yojana) कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण के लिए श्रम की जरूरत है। हमने आज तक श्रम को उचित दर्जा नहीं दिया है। हमें अब श्रमिकों के प्रति नजरिया बदलना होगा। हमारा श्रमिक श्रम योगी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सत्यमेव जयते जितनी ही ताकत श्रमेव जयते (Shramev Jayate Yojana) में भी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘श्रमेव जयते (Shramev Jayate Yojana)’ कार्यक्रम दरअसल ‘मेक इन इंडिया’ विजन का ही एक अहम हिस्‍सा है, क्‍योंकि इससे बड़ी संख्‍या में युवाओं का कौशल विकास करने का रास्‍ता साफ होगा और इसके साथ ही भारत को आने वाले वर्षों में काबिल कर्मचारियों की वैश्विक जरूरत को पूरा करने का अवसर भी मिलेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमें श्रमिकों की समस्याओं को श्रमिकों की आंख से देखना होगा, ना कि उद्योगपतियों की आंख से। उन्होंने कहा कि आज देश के पास नौजवानों की बहुत बड़ी फौज है। आइटीआइ का पक्ष लेते हुए मोदी ने कहा कि आइटीआइ तकनीकी शिक्षा का शिशु मंदिर है। इसे लेकर हीनभावना क्यों हैं? उन्होंने कहा कि आइटीआइ के होनहार छात्रों को प्रोत्साहन मिलना चाहिए। कागजी पढ़ाई में पिछड़ने वालों को आईटीआई में दाखिला मिलना चाहिए। मोदी ने कहा कि सरकार गरीबों के पीएफ में पड़े 27 हजार करोड़ रुपये वापस लौटाएगी।

इससे पहले देश में औद्योगिक विकास के अनुकूल माहौल तैयार करने के साथ-साथ श्रम क्षेत्र में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएफ ग्राहकों के लिए यूनिवर्सल एकाउंट नंबर समेत कई योजनाओं का शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री ने दक्षता विकास व श्रम सुधारों से संबंधित दीनदयाल उपाध्याय 'श्रमेव जयते कार्यक्रम' की शुरुआत की।

श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने इन पहलों को प्रधानमंत्री के “मिनीमम गवर्नर्मेंट, मैक्‍सीमम गवर्नेंस” की दूरदर्शिता को हासिल करने की दिशा में साहसिक कदम बताते हुए जोर देकर कहा कि मंत्रालय के सभी कार्यों का उद्देश्य व्यवस्था में अधिक पारदर्शिता और गति लाना है। श्री तोमर ने बताया कि भारत की अनुकूल भौगोलिक स्थिति से होने वाले फायदे की कल्पना और देश में व्यवसाय की सुविधा के साथ संसद में तीन विधेयक लाये जा चुके हैं। अनुमान है कि एपरेंटिस अधिनियम के लागू होने पर प्रशिक्षुओं की संख्या 23 लाख से ऊपर चली जाएगी। श्री तोमर ने कहा कि सरकार संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में सूक्ष्‍म, लघु और मझौले उद्यम मंत्रालय के लिए एक अधिनियम लाने और देश से बाल श्रम को समाप्‍त करने के लिए संशोधन लाएगी।

Shramev  Jayate  Yojana  Portal :-

श्रम क्षेत्र में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और औद्योगिक विकास के लिए अनुकूल माहौल बनाने के लिए समर्पित श्रम सुविधा पोर्टल बनाया गया हैं। यह करीब 6 लाख इकाइयों को श्रम पहचान संख्या आवंटित करेगा और उन्हें 44 श्रम कानूनों में से 16 के लिए ऑनलाइन स्वीकृति दायर करने की इजाजत देगा। केन्‍द्रीय क्षेत्र में श्रम सुविधा पोर्टल और श्रम निरीक्षण योजना का समर्पण है। मंत्रालय ने औद्योगिक विकास के लिए उपयुक्‍त माहौल बनाने के उद्देश्‍य से केन्‍द्रीय क्षेत्र में श्रम सुविधा पोर्टल विकसित किया है। इस पोर्टल की विशेषताएं हैं :-

  • ऑनलाइन पंजीकरण के लिए इकाइयों को विशिष्‍ट श्रम पहचान संख्‍या आवंटित की जाएगी।
  • उद्योग द्वारा स्‍वयं प्रमाणित और सरल ऑनलाइन रिटर्न दायर करना। अब इकाइयों को 16 अलग रिटर्न दायर करने के बजाय सिर्फ एक रिटर्न ऑनलाइन दायर करना होगा।
  • श्रम निरीक्षकों द्वारा 72 घंटे के भीतर निरीक्षण रिपोर्ट अपलोड करना अनिवार्य है।
  • पोर्टल की मदद से समय पर शिकायत का निवारण होगा।

नजरिया अगर सम्‍मानजनक हो तो ‘श्रम योगी’ बन जाते हैं ‘राष्‍ट्र योगी’ और ‘राष्‍ट्र निर्माता’ | हमें श्रमिकों की नजर से ही श्रम मुद्दों को देखना चाहिए। श्रमेव जयते (Shramev Jayate Yojana) पहल से विश्‍वास बढ़ेगा, युवाओं की काबिलियत बढ़ेगी और व्‍यवसाय करना आसान होगा| सरकार को अपने नागरिकों पर अवश्‍य भरोसा करना चाहिए, स्‍व-प्रमाणन की इजाजत देना इस एक कदम है। दिशा में प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने श्रमिकों की नजर से श्रम मुद्दों को समझने की पुरजोर वकालत की, ताकि उन्‍हें संजीदगी के साथ सुलझाया जा सके। नई दिल्‍ली में पंडित दीनदयाल उपाध्‍याय श्रमेव जयते कार्यक्रम में पांच नई पहलों की शुरुआत के बाद अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि इस तरह का सम्‍मानजनक नजरिया अपनाने से ‘श्रम योगी’ (श्रमिक) पहले ‘राष्‍ट्र योगी’ और फिर ‘राष्‍ट्र निर्माता’ बन जायेंगे।

श्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा कि सरकार को अपने नागरिकों पर अवश्‍य भरोसा करना चाहिए और दस्‍तावेजों के स्‍व-प्रमाणन की इजाजत देकर इस दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। उन्‍होंने कहा कि श्रमेव जयते कार्यक्रम के तहत आज जिन विभिन्‍न पहलों की शुरुआत की गई है, वे भी इस दिशा में अहम कदम हैं। प्रधानमंत्री ने एक साथ अनेक योजनाओं का शुभारंभ करने के लिए श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के प्रयासों की सराहना की है, जिनके अंतर्गत श्रमिकों के साथ-साथ नियोजकों के हितों का भी ख्‍याल रखा गया है। उन्‍होंने कहा कि श्रम सुविधा पोर्टल ने महज एक ऑनलाइन फॉर्म के जरिये 16 श्रम कानूनों का अनुपालन आसान कर दिया है। उन्‍होंने कहा कि निरीक्षण के लिए यूनिटों का अनियमित चयन करने की पारदर्शी ‘श्रम निरीक्षण योजना’ से इंसपेक्‍टर राज की बुराइयों से निजात मिलेगी और इसके साथ ही कानूनों का बेहतर ढंग से पालन भी सुनिश्चित होगा। प्रधानमंत्री ने इस बात पर चिंता व्‍यक्‍त की कि कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन में 27,000 करोड़ रुपये की विशाल राशि बगैर दावे के पड़ी है। उन्‍होंने कहा कि यह रकम भारत के गरीब श्रमिकों के पसीने की कमाई है। उन्‍होंने यह भी कहा कि यूनिवर्सल एकाउंट नम्‍बर के जरिये कर्मचारी भविष्‍य निधि में सुनिश्चित की गई पोर्टेबिलिटी से इस तरह की रकम के फंस जाने और वास्‍तविक लाभार्थियों तक उसके न पहुंच पाने की समस्‍या से निजात मिल जायेगी।

 

क्या  है पंडित  दीनदयाल  उपाध्याय श्र मेव जयते  कार्यक्रम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 अक्टूबर साल 2014 को ‘पंडित दीनदयाल उपध्याय श्रमेव जयते कार्यक्रम’ का शुभारंभ किया था। पीएम मोदी ने इस बात पर अधिक ज़ोर दिया था कि राष्ट्र निर्माण के लिए श्रम की जरुरत है और हमें श्रमिकों के प्रति अपना नज़रिया बदलना चाहिए।

श्रमेव जयते कार्यक्रम असल में मेक इन इंडिया विजन का ही एक अहम हिस्सा है, क्योंकि इससे बड़ी संख्या में युवाओं को कौशल विकास करने का रास्ता साफ होगा और इसके साथ ही भारत को आने वाले वर्षों में काबिल कर्मचारियों की वैश्विक जरुरत को पूरा करने में सहायता मिलेगी।

पंडित  दीनदयाल  उपाध्याय श्रमेव  जयते  कार्यक्रम  का  उद्देश्य

पीएम मोदी के नेतृत्व में वैसे से कई योजनाओं का आरंभ हुआ जिन्हें ज्यादात्तर ग्रामीण व्यवस्था के सुधार हेतू लागू किया तो वहीं कुछ बेटियों के अधिकार के समर्थन में पारित की गई। कुछ ऐसी ही योजना है ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय श्रमेव जयते योजना’ जिससे श्रमिकों के हित में कार्य किया जाएगा।

नरेंद्र मोदी ने सभी बड़ी चुनौतियों को किनारे करते हुए इस योजना का आरंभ किया, जिसमें कुछ अहम श्रम सुधार किए जाएंगे। ऐसे सुधार, जो न केवल श्रमिकों को खुश करेंगे बल्कि भारत के उद्योग डगर की जरुरतों को भी पूरा करेंगे। योजना के तहत ऐसे कदम उठाए जाएंगे जो व्यवसाय करने में आने वाली बाधाओं को दूर करने में सक्षम होंगी तथा अनुपालन समय एंव लागत में कमी लाने में प्रर्बल।

‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय श्रमेव जयते’, कार्यक्रम

1)    ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय श्रमेव जयते’ योजना के ज़रिए देश में औद्योगिक विकास में सहायक वातावरण स्थापित करना है।

2)    वहीं योजना की सहायता से केंद्रीय परिक्षेत्र की प्रमुख 4 संस्थाओं जैसे श्रमायुक्त कार्यालय, भविष्य निधि कार्यालय, राज्य कर्मचारी बीमा संगठन एंव खान सुरक्षा निदेशालय में परिवर्तन लाने का प्रयास किया जाएगा।

3)    उद्योगों द्वारा 16 श्रम कानूनों के लिए पोर्टल पर स्वप्रमाणित, सरलीकृत, एकल ऑनलाईन, रिटर्न भरा जाएगा।

4)    शिकायतों को पोर्टल के माध्यम से समयबद्ध निस्तारण किया जाएगा।

5)    सभी इकाईयों का डाटा एकीकृत केंद्रीय पोर्टल पर उपलब्ध होने से नीति निर्धारकों को उसके आधार पर विश्लेषण कर नीति बनाने में सुविधा मिलेगी।

6)    6 से 7 लाख इकाईयों को विशेष श्रम पहचान संस्था का आवटंन दिया जाएगा। मजदूरों को वोकेशनल ट्रेनिंग की सुविधा दी जाएगी, जो स्थानीय मांग और जरूरतों के हिसाब से तय होगी।

7)    6.50 लाख संस्थाओं व 1,800 इंस्पेक्टरों को यूनिफाइड लेबर पोर्टल के बारे में SMS भेजे जाएंगे। उद्योगों का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन संभव होगा।

8)    मजदूरों के पीपीएफ के लिए एक UAN यानि यूनिवर्सल एकाउंट नंबर मिलेगा जो कंपनी बदलने के बाद भी नहीं बदलेगा। इंस्पेक्टरों को निरीक्षण पूरा करने के 72 घंटे के भीतर अपनी रिपोर्ट को पोर्टल पर डालना होगा।

कर्मचारी  भविष्य  के  लिए  यूनिवर्सल  खाता  संख्या

योजना के अंतर्गत 4 करोड़ IPF धारकों का केंद्रिय स्तर पर संग्रहण और डिजिटाइजेशन किया गया है और सभी को UAN दिया गया है। समाज के अति संदेशनशील वर्ग को वित्तीय स्थिती में शामिल करने और विशेष पहचान के लिए UAN को बैंक खाते और आधार कार्ड और अन्य KYC विवरणों से जोड़ दिया गया है।

श्रमिकों के IPF खाते में नवीनतम प्रविष्टियां हर महीने देखने की योजना बनाई गई है इसके साथ ही श्रमिकों को SMS के ज़रिए भी जानकारी मिल सकेगी।

योजना से जुड़ी प्रमुख विशेषताएं

1)    योजना में अनिवार्य निरीक्षण सूची के अंतर्गत गंभीर मामलों को ही शामिल किया जाएगा।

2)    पूर्व निर्धारित लक्ष्य मानदंड पर आधारि निरीक्षकों की एक कम्प्यूटरीकृत सूची आकस्मिक तैयार की जाएगी।

3)    आंकडों और प्रमाण पर आधारित निरीक्षण के बाद शिकायत आधारित निरीक्षण किया जाएगा।

4)    विशेश परिस्थितियों में गंभीर मामलों के निरीक्षण के लिए आपात सूची का प्रावधान होगा।

5)    एक पारदर्शी निरीक्षण योजना अनुपालन तंत्र में मनमानेपन पर अंकुश लगाया जा सकेता वहीं प्रवर्तन एजेंसियों के 1800 श्रम निरीक्षकों को एसएमएस या फिर ईमेल के ज़रिए जानकारी भेजी जाएगी।

निष्कर्ष

श्रमेव जयते कार्यक्रम के तहत कुल पांच योजनाओं का शुभारंभ किया गया जिसके अंतर्गत श्रमिकों के साथ साथ नियोजतकों के हितों का भी ख्याल रखा गया है श्रम सुविधा पोर्टल ने महज एक ऑनलाइन फॉर्म के जरिए 16 श्रम कानूनों का अनुपालन करने में आसानी कर दी है। साथ ही कानूनों का बेहतर ढंग से पालन भी सुनिश्चित किया गया।

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