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हिमाचल प्रदेश मुख्यमंत्री लघु दुकानदार कल्याण योजना

 हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के छोटे दुकानदारों और व्यापारियों के आर्थिक विकास और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2023 में मुख्यमंत्री लघु दुकानदार कल्याण योजना की शुरुआत की। यह योजना खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों के छोटे दुकानदारों और व्यवसायियों को ध्यान में रखकर बनाई गई थी, लेकिन वर्ष 2025-26 से इसके लाभ शहरी क्षेत्रों के लाभार्थियों तक भी बढ़ा दिए गए हैं। इस योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों के छोटे दुकानदारों को ₹50,000 तक का अल्पकालिक ऋण (Short Term Loan) उपलब्ध कराया जाता है, जिस पर 50% ब्याज सब्सिडी राज्य सरकार द्वारा दी जाती है। वहीं, शहरी क्षेत्रों के लिए ₹1 लाख तक के ऋण पर एकमुश्त निपटान (One Time Settlement) और ब्याज का पूरा भुगतान सरकार द्वारा किया जाता है। योजना का उद्देश्य मुख्यमंत्री लघु दुकानदार कल्याण योजना का मुख्य उद्देश्य छोटे दुकानदारों, फेरीवालों और लघु व्यवसायियों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है, ताकि वे अपने व्यवसाय का विस्तार कर सकें और वित्तीय संकट से उबर सकें। इसके साथ ही, यह योजना बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित...

उत्तर प्रदेश शादी विवाह प्रोत्साहन पुरस्कार योजना

 विकलांग दंपतियों के लिए सम्मान और सहायता का संकल्प उत्तर प्रदेश सरकार हमेशा से समाज के प्रत्येक वर्ग के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध रही है। इसी उद्देश्य के साथ वर्ष 1997 में एक विशेष योजना शुरू की गई जिसका नाम है – शादी विवाह प्रोत्साहन पुरस्कार योजना । इस योजना का मकसद विकलांग व्यक्तियों को विवाह के समय आर्थिक सहायता प्रदान करना है ताकि वे अपने जीवन की नयी शुरुआत सम्मान और आत्मनिर्भरता के साथ कर सकें। इस ब्लॉग में हम आपको इस योजना से जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी देंगे जैसे कि पात्रता, लाभ, आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज़ और संपर्क विवरण। 💡 योजना का उद्देश्य भारत में विकलांग व्यक्तियों को कई सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। जब बात शादी जैसे अहम मोड़ की आती है, तो इन चुनौतियों में आर्थिक बोझ एक बड़ी चिंता बन जाता है। ऐसे में शादी विवाह प्रोत्साहन पुरस्कार योजना विकलांग दंपतियों को उनके विवाह के समय एकमुश्त वित्तीय सहायता प्रदान करती है जिससे वे जीवन की नई शुरुआत आसान बना सकें। 🎁 योजना के तहत मिलने वाले लाभ उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा इस योजना के अंतर्गत विकलांग ...

प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना 2025

  पहली बार नौकरी करने वालों और नई नौकरियां देने वाले नियोक्ताओं को मिलेगा सरकार से आर्थिक प्रोत्साहन देश में युवाओं को रोजगार देने और उद्योगों को नई नौकरियां सृजित करने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने एक नई योजना शुरू की है, जिसका नाम है प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PMVBRY) । इस योजना की घोषणा वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने 2024-25 के आम बजट के दौरान की थी, जिसे पहले Employment Linked Incentive Scheme (ELI Scheme) के नाम से जाना जाता था। अब इस योजना को नया नाम और व्यापक दायरा देकर इसे प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के रूप में लॉन्च किया गया है। यह योजना विशेष रूप से उन लोगों के लिए है जो पहली बार नौकरी कर रहे हैं और उन नियोक्ताओं के लिए जो अतिरिक्त नौकरियां सृजित कर रहे हैं। 🔍 योजना की मुख्य बातें (Highlights) योजना का नाम : प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PMVBRY) शुरुआत का वर्ष : 2025 लाभार्थी : पहली बार नौकरी करने वाले कर्मचारी और नई नौकरियां सृजित करने वाले नियोक्ता लाभ : आर्थिक प्रोत्साहन (Financial Inc...

नव्या योजना

बेटियों को सशक्त बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल योजना की शुरुआत: सोनभद्र से नयी उड़ान भारत सरकार ने किशोरियों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए एक नई पहल ‘ नव्या योजना ’ की शुरुआत उत्तर प्रदेश के आदिवासी बहुल ज़िले सोनभद्र से की है। 24 जून 2025 को हुए इस ऐतिहासिक लॉन्च कार्यक्रम ने न केवल एक नई योजना की शुरुआत की, बल्कि यह देश की बेटियों को सशक्त बनाने के दिशा में एक बड़ा कदम भी साबित हुआ। उद्देश्य: सिर्फ रोज़गार नहीं, पहचान भी मिले ‘नव्या’ योजना का मुख्य उद्देश्य 16 से 18 वर्ष की किशोरियों को आधुनिक और गैर-पारंपरिक क्षेत्रों में व्यावसायिक प्रशिक्षण देना है, ताकि वे सिर्फ नौकरी पाने के लायक न बनें, बल्कि अपनी खुद की पहचान बना सकें। यह योजना नारी गरिमा, आत्मसम्मान और सामाजिक भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए तैयार की गई है। कौन चला रहा है नव्या योजना? नव्या योजना को कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय तथा महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से शुरू किया गया है। यह दो मंत्रालयों के साझा प्रयासों का परिणाम है जो भारत की किशोरियों को शिक्षा, स्किल और आत्मनिर्भरता क...

राजस्थान मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना

 राजस्थान सरकार द्वारा शुरू की गई "मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना" राज्य के नागरिकों को आकस्मिक दुर्घटनाओं से उत्पन्न होने वाले वित्तीय संकट से सुरक्षा प्रदान करने हेतु शुरू की गई एक महत्वपूर्ण बीमा योजना है। इस योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दुर्घटना के कारण होने वाली मृत्यु या विकलांगता की स्थिति में पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता मिल सके और उनका जीवन पुनः सामान्य स्थिति में लौट सके। यह योजना विशेष रूप से ऐसे परिवारों के लिए लाभकारी है जो किसी भी आकस्मिक घटना के बाद इलाज या आजीविका के साधन खो देते हैं। योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को ₹5 लाख तक की बीमा सुरक्षा प्रदान की जाती है। योजना के उद्देश्य मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के नागरिकों को आकस्मिक दुर्घटनाओं के दुष्परिणामों से बचाना और पीड़ित परिवारों को राहत देना है। इसके माध्यम से सरकार यह प्रयास कर रही है कि किसी भी असमय दुर्घटना की स्थिति में पीड़ित परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत सहायता दी जाए ताकि वे मानसिक और वित्तीय दोनों संकटों से उबर सकें। योजना के ...

राजस्थान मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना

 राजस्थान सरकार द्वारा प्रदेश के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना की शुरुआत की गई है। यह योजना केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना और राज्य सरकार की भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना का समावेश है, जिससे राज्य के लाखों परिवारों को मुफ्त इलाज की सुविधा दी जाती है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य गरीब, वंचित, मजदूर, और निम्न मध्यम वर्गीय परिवारों को आर्थिक बोझ से मुक्ति दिलाकर उन्हें गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना है। योजना के अंतर्गत अब ₹25 लाख तक का कैशलेस इलाज राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे किसी भी गंभीर बीमारी के इलाज में आर्थिक समस्या नहीं आएगी। योजना का उद्देश्य राजस्थान मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना का उद्देश्य राज्य के ऐसे नागरिकों को स्वास्थ्य बीमा सुरक्षा देना है जो महंगे इलाज का खर्च नहीं उठा सकते। इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को सरकारी और निजी सूचीबद्ध अस्पतालों में मुफ्त इलाज की सुविधा मिलती है। इससे लोगों को आर्थिक रूप से राहत मिलती है और समय पर इलाज प्राप्त होता है। योजना ...

उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना

  किसानों की सुरक्षा की एक नई पहल भारत की कृषि व्यवस्था सदियों से किसानों के श्रम पर आधारित रही है। उत्तर प्रदेश, जहां कृषि जीवन का एक मुख्य आधार है, वहाँ किसानों की मेहनत के साथ-साथ उनका जोखिम भी बढ़ता जा रहा है। खेतों में काम करते समय आए दिन किसानों के साथ दुर्घटनाएँ हो जाती हैं, जिससे न केवल उनका जीवन प्रभावित होता है बल्कि उनके परिवारों पर भी आर्थिक संकट आ जाता है। ऐसी ही परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना की शुरुआत की। इस योजना का उद्देश्य है दुर्घटना के कारण जान गंवाने वाले या स्थायी रूप से विकलांग हो चुके किसानों या उनके परिजनों को आर्थिक सहायता प्रदान करना। योजना की मुख्य विशेषताएं इस योजना के अंतर्गत अगर किसी किसान की खेत में काम करते समय दुर्घटना से मृत्यु हो जाती है या वह स्थायी विकलांग हो जाता है, तो सरकार की ओर से ₹5 लाख तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। यह सहायता राशि मृतक के परिजनों या विकलांग हुए व्यक्ति के नाम बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है। यह योजना केवल उन्हीं किसानों के लिए है जो खेती करत...